यमुनानगर। रिश्वत प्रकरण के मामले में गिरफ्तार जगाधरी नगर निगम के अनुबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर आशीष को बुधवार को नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बर्खास्त कर दिया है। उसे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) टीम ने सोमवार को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब बुधवार को नगर निगम के आयुक्त ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में और कौन संलिप्त है वे भी जल्द जांच के कटघरे में आने वाले हैं। यदि जांच में अन्य के तथ्य सही पाए गए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। आयुक्त की ओर से कर्मचारियों को सख्त चेतावनी भी दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र की अब तक 62527 संपत्तियां सत्यापित हो चुकी है। 30 प्रतिशत संपत्तियां सत्यापित कर नगर निगम प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां तक शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए निगम कर्मी घर-घर जाकर शहरवासियों की संपत्तियां सत्यापित कर रहे हैं। वहीं कुछ कर्मचारी इस छवि को धूमिल करने में लगे हैं। शिकायतकर्ता सोनू ने बताया कि उसने जगाधरी नगरनिगम में मकान की आईडी के लिए आवेदन किया था लेकिन निगम कर्मचारियों की तरफ से बार-बार आपत्ति लगाकर उसे परेशान किया जा रहा था। जबकि वह बार-बार उस आपत्ति को दुरुस्त भी करवा रहा है। सोनू का आरोप है आरोपी आशीष ने कहा कि ऐसे काम नहीं होगा, जैसे हम कहेंगे वैसे होगा। उसी दिन की शाम को आरोपी आशीष ने उसे बूड़िया चौक पर बुलाया और तीन हजार रुपये रिश्वत की मांग की। अभी वह पैसे का प्रबंध कर ही रहा था इतने में आरोपी आशीष ने फोन कर आईडी बना दी गई है की बात कहकर पैसे देने की बात कही। ऐसे में सोनू ने छह मई को टीम को लिखित में इसकी शिकायत देकर पूरा ब्योरा बताया। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी आशीष को तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया था। उधर एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अन्य के संलिप्त होने के बारे में बताया है लेकिन जांच की जा रही है, जो भी सामने आएगा कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
इस मामले में आरोपी कर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है। अन्य कर्मचारियों को भी चेतावनी दे दी गई है। अगर इस प्रकार के कार्य में संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
-आयुष सिन्हा, आयुक्त नगरनिगम यमुनानगर।