संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। आशा वर्कर्स यूनियन, सीटू, सर्व कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों की ओर से मंगलवार को अंबाला सहारनपुर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। आशा कर्मियों का यह जाम डीसी से मुलाकात न करवाने को लेकर मंगलवार दोपहर बाद बुलाया गया था। आशा कर्मियों व अन्य संगठनों के प्रतिनिधिमंडल को डीसी से मिलवा दिया गया। इस दौरान आशा कर्मी पारुल की मौत के मामले में इंसाफ और मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई गई।
आशा वर्कर्स यूनियन जिला सचिव राजेश कुमारी, जिला कोषाध्यक्ष करमजीत, सीटू प्रधान रामकुमार कांबोज, सर्व कर्मचारी संघ सचिव गुलशन भारद्वाज सहित कुल पांच सदस्य डीसी से मिले। जिसके बाद आशाओं ने जाम लगाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। वहीं मंगलवार को अनाजमंडी से आशाओं ने 29वें दिन की हड़ताल जारी रखी। इस दौरान आशाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल की अध्यक्षता ब्लॉक खिजराबाद की प्रधान रजवंती व संचालन छछरौली ब्लॉक की प्रधान वीरेंद्र ने किया।
डीसी से मुलाकात के दौरान नेताओं ने आशा वर्कर पारूल की मौत की बात डीसी के सामने रखी। इस दौरान नेताओं ने पुलिस पर पारूल की मौत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रताड़ना से पारूल की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उसकी मौत पर सरकार व प्रशासन की ओर से 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। अब आशाएं आठ अक्तूबर को करनाल कूच करेंगी।
धरना स्थल पर नेताओं ने कहा कि सरकार आशाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं। जिससे आशाओं में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि जब मांगें पूरी नहीं होती उनकी हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान प्रेस सचिव कामिनी गोयल, आरती सेतिया, हेमलता, बोहती, सरोज बाला, सुषमा, परमजीत, शैली, सीमा, रोशनी, सरला सहित अन्य उपस्थिति रहीं।