संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुना नदी के बढ़े जलस्तर से आई बाढ़ और बरसाती नदियों की वजह से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस पर सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है। पोर्टल पर अब जिले के सभी 655 गांवों को शामिल किया गया है। अब सभी गांवों के किसान पोर्टल पर अपनी खराब हुई फसलों की जानकारी दे सकते हैं। जो किसान पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा देंगे उन्हें ही सरकार मुआवजा देगी।
अभी तक तो केवल सोम व अन्य बरसाती नदियों से ही किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा था। कुछ गांव ऐसे थे जिनमें अभी भी फसलों में कई फीट तक पानी भरा हुआ था। पिछले दिनों रणजीतपुर क्षेत्र में हरिपुर खोल में आए उफान से धनौरा गांव में किसानों की कई एकड़ फसल रेत में दब गई। वहीं मलिकपुर बांगर, भंभौली, राजपुरा गांवों में अभी भी बारिश का पानी भरा है।
अब यमुना नदी में आए उफान ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। अब न केवल फसलों में पानी भरा है, बल्कि भूमि में कटाव भी हो रहा है। किसानों के सामने उनकी फसल व जमीन यमुना नदी में समा रही है। किसान चाहकर भी कटाव को रोकने के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। अभी पता नहीं जो पानी भरा हुआ है वह कितने दिन में उतरेगा। यदि पानी ज्यादा दिन तक खेतों में रहा तो उससे फसलों को नुकसान होना तय है।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल, जिला प्रधान संजू गुंदियाना, युवा जिला अध्यक्ष संदीप टोपरा व निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर का कहना है कि इस बार बारिश बहुत ज्यादा हुई है। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खराब हुई फसलों की जल्द से जल्द गिरदावरी करवा कर मुआवजा दिया जाए। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री रामबीर सिंह चौहान का कहना है कि किसानों को फौरी तौर पर तुरंत आर्थिक मदद दिए जाने की जरूरत है।