commencement of investigation to dismantle the idol
- फोटो : Yamuna Nagar
शहीदों के नाम पर बने देश के एक मात्र इंकलाब मंदिर में तीन साल पहले हुई तोड़फोड़ के मामले में आखिरकार जांच शुरू हो ही गई। रविवार को रादौर डीएसपी कुशलपाल राणा और जठलाना एसएचओ इंकलाब मंदिर पहुंचे और तोड़फोड़ के मामले में जानकारी ली।
मंदिर संस्थापक अधिवक्ता वरयाम सिंह ने बताया कि जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, उस समय आजादी के मतवालों की मूर्तियां खंडित कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त 2017 को देर रात कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर शहीद-ए-आजद भगत सिंह की मूर्ति खंड़ित कर दी थी। जिसके बारे थाना जठलाना में शिकायत दर्ज की गई थी। लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। उन्होंने बताया कि मामले में देश द्रोह की धारा लगाई गई है। यह धारा लगाने के लिए भी उन्हें बहुत परेशानियां झेलनी पड़ी और आला अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। तीन साल से यह मामला लंबित था। इसमें पुलिस जांच नहीं कर रही थी। अभी तक दोषियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस मामले को लेकर इंकलाब मंदिर कमेटी की ओर से खेल मंत्री संदीप सिंह को शिकायत देकर मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद रविवार को रादौर डीएसपी कुशलपाल राणा और थाना जठलाना एसएचओ मुकेश कुमार मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां तोड़फोड़ संबंधी जानकारी ली। अब इस मामले की जांच डीएसपी और थाना जठलाना करेंगे। थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंदिर पहुंचकर पुलिस ने मामले की जानकारी ली है। पुलिस की जांच शुरू हो चुकी है। जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।