संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कई दिनों से गर्मी चरम पर है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं कर पाया है। दिखावे के लिए चार मंजिला अस्पताल के सभी तलों पर वाटर कूलर रखे हैं, लेकिन इनमें से भूतल को किसी में भी ठंड पानी नहीं आ रहा है। इससे मरीज परेशान हैं।
जिला नागरिक अस्पताल जब से 200 बेड का बना है, तब से इसमें ओपीडी काफी बढ़ गई है। अब इसमें रोजाना 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी हो रही है। चार मंजिला अस्पताल में भूतल के अलावा कहीं पर भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। जो मरीज पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे तल पर होते हैं उन्हें ठंडा पानी लेने के लिए भूतल पर आना पड़ रहा है।
गर्मी में मरीजों व उनके तीमारदारों को पानी के लिए इतनी सीढि़यां उतरनी व चढ़नी पड़ रही हैं। हालांकि अस्पताल में मरीजों के लिए छह से ज्यादा लिफ्ट लगी हैं। परंतु अस्पताल में भर्ती व ओपीडी में आने वाले बहुत से मरीज ऐसे हैं जो ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं, उन्हें लिफ्ट चलानी नहीं आती। इसलिए मजबूरी में उन्हें सीढ़ी से ही आना जाना करना पड़ता है।
तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल के सभी तलों पर रखे वाटर कूलरों को चलाने के निर्देश दिए थे। उनके कहने पर ही वाटर कूलरों के पानी की निकासी का प्रबंध अस्पताल में किया गया था। उन्होंने ही वाटर कूलरों के लिए बिजली का कनेक्शन पीएमओ से कराने को कहा। उनका तबदला होते ही जिम्मेदारों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी।
जब जिला अस्पताल में सभी तलों पर वाटर कूलर लगे हैं तो वह चलने चाहिए। उनमें ठंडा पानी आना चाहिए। वाटर कूलरों में ठंडा पानी क्यों नहीं आ रहा इस बारे में अस्पताल की पीएमओ से रिपोर्ट ली जाएगी। - डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।