जगाधरी। जिले में करीब दस दिन से लगातार तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। घने कोहरे के कारण सुबह दृश्यता शून्य होने और बर्फीली हवा चलने से लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हाड़ गला देने वाली इस ठंड में अब अभिभावकों को उनके बच्चों की चिंता सता रही है, चूंकि विभागीय आदेशों के अनुसार 16 जनवरी से सभी राजकीय व निजी विद्यालय खुल रहे हैं। ऐसे में ठंड को देखते हुए अभिभावकों ने विभाग से शीत कालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की है।
वहीं, अभिभावकों के साथ शिक्षक भी अवकाश बढ़ाने का समर्थन कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्रचंड ठंड का बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा। इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग मौसम विशेषज्ञों की गणना के अनुसार इस दिशा में कदम उठाए। चूंकि हाड़ गला देने वाली सर्दी में बच्चों को सुबह-सुबह विद्यालय आना नुकसान पहुंचा सकता है। ठंड के कारण घर पर रहते हुए भी बच्चे बीमार हो रहे हैं, ऐसे स्कूल खुलने पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। विशेषज्ञ चेतावनी के अनुसार यह मौसम बच्चों को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी प्रभावित कर सकता है।
सर्दी से बच्चे हो रहे बीमार
शिक्षक महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि भीषण ठंड के कारण बच्चों में हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम, अस्थमा और जोड़ों में जकड़न जैसी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। इन दिनों जिले के चिकित्सकों के पास आने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या काफी है। सुबह जल्दी उठकर ठंडे वातावरण में स्कूल जाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में विभाग को शीतकालीन अवकाश बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
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बच्चे में आया चिड़चिड़ापन
बायोलॉजी की प्रवक्ता पूनम रानी ने कहा कि सूरज न निकलने और कड़ाके की सर्दी के कारण बच्चों में सुस्ती व चिड़चिड़ापन बढ़ना स्वभाविक है। पर्याप्त धूप यानी विटामिन डी न मिलने से उनके व्यवहार में बदलाव और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी आ सकती है। बाहरी वातावरण का शारीरिक व मानसिक प्रभाव पड़ता है। इन दिनों ठंड बहुत ज्यादा है ऐसे में आवश्यक है कि विभाग इस पर ध्यान दे।
अभिभावकों को सता रही चिंता
अभिभावक रीना, सुमन, राजकुमार, सतेंद्र, शुभम, रोहित, मोनिका, प्रियंका ने कहा कि इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। बुधवार को अत्याधिक सर्दी के कारण बच्चों को काफी परेशानी हुई है। वहीं, अत्याधिक कोहरे के कारण बच्चों का सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। वहीं, मौसम विभाग ने इस पूरा सप्ताह ठंड का प्रकोप रहने का पूर्वानुमान दिया है। ऐसे में विभाग को बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए शीतकालीन अवकाश बढ़ाने चाहिए।
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यह है स्कूलों का समय
बता दें कि शिक्षा निदेशालय की ओर से एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश किए हैं। वहीं, सर्दी तक देरी से स्कूल खुलेंगे। विभाग की ओर से एकल शिफ्ट स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक लगाए जाएंगे। वहीं, दोहरी शिफ्ट वाले स्कूल में पहली शिफ्ट सुबह 7:55 से दोपहर 12:30 बजे लगेगी और दूसरी शिफ्ट दोपहर 12:40 से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। बता दें कि सबसे ज्यादा सर्दी सुबह व शाम को ही होती है। इन दिनों सुबह दस बजे तक तापमान सात से आठ डिग्री सेल्सियस तक रहता है और न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है।
वर्जन
विभाग की ओर से 16 जनवरी से पुन: विद्यालय लगने के आदेश दिए गए हैं। अभी छुट्टियां बढ़ने संबंधी उनके पास कोई अधिकारी आदेश नहीं आए हैं। परंतु अन्य जिलों से भी इसकी मांग की जा रही है। निदेशालय के आदेशानुसार कार्य किया जाएगा।
प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।