कलेसर नेशनल पार्क में फायर लाइन की सफाई करते हुए
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कोशिक खान
फायर सीजन को देखते हुए कलेसर नेशनल पार्क में फायर लाइनों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। फायर लाइनों की सफाई करीब ₹7 लाख की लागत से कराई जा रही है। नेशनल पार्क में बनी फायर लाइनों का कुल एरिया तकरीबन 35 किलोमीटर है। फायर लाइनों में जमा सूखी पत्तियों व घास को हटाकर उनको साफ सुथरा किया जाता है। ताकि फायर सीजन में जंगल में लगी आग पर आसानी से काबू पाया जा सकें। वन्य जीव प्राणी विभाग के डीएफओ शिव सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि फायर सीजन शुरू हो चुका है। जिसके मद्देनजर कलेसर नेशनल पार्क में फायर लाइनों की साफ सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जंगल के बीच बनाई गई फायर लाइनें जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए काफी हद तक सहायक होती है। उन्होंने बताया कि जब जंगल के एक हिस्से में किसी कारण आग लग जाती है तो दूसरी साइड से कर्मचारी आग पर आसानी से काबू पा लेते हैं और बाकी सारा जंगल व जीव-जंतु आग की चपेट में आने से सुरक्षित बच जाते हैं। उन्होंने बताया कि फायर सीजन से पहले हर साल फायर लाइनों की सफाई की जाती है। इस बार भी कलेसर नेशनल पार्क में करीब ₹7 लाख की लागत से नेशनल पार्क में बनी तकरीबन 35 किलोमीटर फायर लाइनों की सफाई ट्रैक्टर से की जा रही है। फायर लाइनों की सफाई हर साल लेबर द्वारा कराई जाती थी। इस बार लोक डॉन के चलते यह कार्य ट्रैक्टर द्वारा किया जा रहा है। फायर लाइन में जमा सूखे पत्ते घास को ट्रैक्टर पर लगे यंत्रों के द्वारा साफ किया जा रहा है।