जगाधरी। जेल के बंदियों को हस्तशिल्प एवं तकनीकी कौशल में दक्ष बनाने के लिए सरकार ने विशेष योजना बनाई है। इसके लिए जेल में बंदियों के लिए वोकेशनल कोर्स चलाए जाएंगे। यह कोर्स कर बंदी हस्तशिल्प एवं तकनीकी कौशल प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए जिला जेल में ही बंदियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं लगाई जाएंगी।
इसका उद्देश्य बंदियों को जेल से रिहाई के बाद समाज की मुख्य धारा में शामिल करने व स्वरोजगार करने योग्य बनाना है, ताकि जेल से निकलने के बाद सामाजिक व्यवस्था में स्वयं को ढालने के लिए सम्मानित तरीके से आजीविका चला सकें। इसके लिए जेल महानिदेशक ने हरियाणा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को पत्र लिखा है।
इस पर विभाग ने सभी आईटीआई प्राचार्यों को जिला जेल में वोकेशनल कोर्स चलाने की योजना व खर्च का ब्योरा तैयार करने के लिए कहा है। वहीं, जिला नोडल आईटीआई प्राचार्य ने संबंधित अनुदेशकों को कोर्स शुरू करवाने के लिए आधारभूत संरचना, फर्नीचर, उपयोगी वस्तुओं, उपकरणों, सामग्री व अन्य अनुमानित खर्च का ब्योरा तैयार करने को कहा है।
जिला जेल में कुल 16 कोर्स करवाने की योजना है। यह कोर्स उन कार्यों के हैं जिनकी हर व्यक्ति के सामान्य जीवन में आवश्यकता पड़ती रहती हैं। जेल महानिदेशक का कहना है कि आज हर छोटे-2 कामों के लिए भी तकनीकी प्राप्त व्यक्तियों की आवश्यकता है। ऐसे में बंदियों को यह ज्ञान होने से उनका सामाजिक जीवन सुधरेगा और वे भी आगे बढ़ सकेंगे।
इन कोर्स में पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग अलग कोर्स हैं। अभी जगाधरी स्थित जिला जेल में कुल 1110 बंदी हैं। जिसमें महिलाओं की 38 और पुरुषों की संख्या 1072 है। जेल के बंदियों को रिहाई पर बाहर आने के बाद अक्सर नौकरी व काम मिलने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह कोर्स उनके लिए बेहद उपयोगी और आय उपज में बेहद सहायक होंगे। संवाद