श्रीमद् दयानन्द उपदेशक महाविद्यालय एवं वैदिक साधना आश्रमगुरुकुल शादीपुर के शताब्दी वर्ष महोत्
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यमुनानगर। आर्य समाज एक राष्ट्र भक्त संस्था है और इस संस्था ने हमेशा भारतवर्ष की गरिमा व गौरव को बढ़ाया। इस संस्था ने हमेशा ही सामाजिक व अध्यात्मिक उन्नति के लिए कार्य किया है। संस्था को मजबूत करने में सभी को अपना पूर्ण सहयोग देना चाहिए।
यह बातें गुजराज के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शादीपुर स्थित श्रीमद् दयानंद उपदेशक महाविद्यालय एवं वैदिक साधना आश्रम गुरुकुल के शताब्दी वर्ष महोत्सव में कहे। उन्होंने कहा कि वैदिक साधना आश्रम गुरुकुल की स्थापना रावल पिंडी पाकिस्तान में हुई थी और यमुनानगर जिले का सौभाग्य है कि 100 वर्ष पूर्व इसकी स्थापना शादीपुर गांव में की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वैदिक आश्रम की पवित्र कार्यशैली को स्वामी आत्मानंद ने खूब आगे बढ़ाया। स्वामी ओमानंद कहते थे कि आर्य समाज ने देश एवं समाज से कुरीतियों को समाप्त करने, आजादी की लड़ाई में व हिंदी आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए हमेशा कार्य किया है। आचार्य देवव्रत ने कहा कि आर्य समाज ने हमेशा ही सामाजिक और अध्यात्मिक उन्नति के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की और देख रही है। अत: हमें अच्छी संस्थाओं के माध्यम से अच्छे व सभ्य नागरिकों का निर्माण करना होगा।
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि इस समाज के वैदिक साधना गुरुकुल आश्रमों ने हमेशा समाज को अच्छे संस्कार दिए हैं। यदि संस्कार अच्छे हैं तो विश्व, दुनिया और समाज का कल्याण कर सकते हैं। आजादी के आंदोलन में आर्य समाज का विशेष योगदान रहा है। इसके साथ-साथ समाज से रूढ़ियों व अंधविश्वास को समाप्त करने व शिक्षा को बढ़ावा देने में भी समाज हमेशा आगे रहा है। उन्होंने कहा कि परम वैभव के लिए शिक्षा जरूरी है। कार्यक्रम में राजस्थान के सांसद सुमिधा नंद, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने भी अपने विचार रखे और कहा कि आर्य समाज के गुरुकुल शिक्षा संस्थान ऐसे शिक्षा संस्थान हैं जहां से देश को समय-समय पर आगे बढ़ने के संदेश मिले हैं। इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्षा मलिक रोजी आनंद, नगर निगम के मेयर मदन चौहान, गेंदा राम आर्य, यशवीर आर्य, संजय आर्य आदि मौजूद रहे।