बिलासपुर। अनाजमंडी में गेहूं बेचने आए यूपी के किसान पर मार्केट कमेटी ने 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। उससे लिखित में माफीनामा लिखवा कर उसकी गेहूं से भरी ट्रॉली को वापस यूपी भेज दिया गया। मार्केट कमेटी सचिव बिलासपुर ने डीसी को पत्र लिखकर यूपी की ओर से आने वाली गेहूं पर रोक लगाने की मांग की है। आखिरकार यह ट्रॉली यूपी-हरियाणा का बार्डर पार कर ही जिले में घुसी। इस पर पुलिस व सरकारी तंत्र की नजर कैसे नहीं गई। उक्त ट्राली बिलासपुर से पहले यमुनानगर व जगाधरी की मंडी में भी गई।
देर शाम मार्केट कमेटी सचिव संत कुमार ने मंडी गेट पर गेहूं से लदी एक ट्रॉली पकड़ी। छानबीन करने पर पता चला कि उक्त किसान यूपी के कुतुबपुर तहसील नुकुड़ का रहने वाला है। जैसा कि किसान सुरेंद्र ने बताया कि वह इस बात से बेखबर था कि वह अपनी फसल दूसरे जिले में नहीं बेच सकता। वह ट्रॉली लेकर पहले यमुनानगर व फिर जगाधरी की मंडी में गया। वहां भाव तय न होने पर वह बिलासपुर पहुंच गया। इस पर उससे पूछताछ की गई। मार्केट कमेटी ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने पर उससे 2500 रुपये बतौर जुर्माना वसूल कर उसे ट्राली समेत वापस भेज दिया।
मार्केट कमेटी सचिव संत कुमार ने डीसी मुकुल कुमार को पत्र लिख कर अपील की है कि जिले में गेंहू की खरीद का काम अगले 10-15 दिन तक चलेगा। इस दौरान यूपी की ओर से कुछ किसान व शरारती तत्व अपनी फसल का अधिक मूल्य लेने के लिए जिले में प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने मांग की है कि इन शरारती तत्वों की जिले में आवाजाही पर रोक लगाई जाए। ताकि जिले की मंडियों में खरीद का काम सुचारू रूप से चल सके। विदित हो कि यूपी की सीमा से लगते खिजराबाद, छछरौली व बिलासपुर में यूपी के किसान अपनी फसल बेचने की फिराक में रहते हैं। मौका लगते ही वे अपनी फसल यहां लेकर पहुंच जाते हैं। हाल ही में खिजराबाद क्षेत्र से भी यूपी से आई गेहूं की ट्राली पकड़ी गई थी।