वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने का सरकार पूरा प्रयास कर रही है। वहीं कोरोना से जंग के असली योद्धा भी हमारे बीच में रह कर अपने कर्तव्य के साथ वे मानवता का धर्म भी निभा रहे हैं। जिले में सुरक्षा व कानून व्यवस्था संभाले पुलिस कर्मचारी का भी इसमें बहुत बड़ा सहयोग है। इसी कड़ी में अपना मानवता धर्म निभाते हुए थाना फर्कपुर के हेडकांस्टेबल ने अन्य लोगों के लिए मिसाल कायम की है। फर्कपुर के मुख्य सिपाही मनदीप सिवाच ने अपने एक माह का वेतन कोरोना सहायता कोष में अनुदान दिया है। यह उन्होंने अपनी बेटी के जन्मदिन पर किया।
रोहतक के गांव भैणी निवासी हेड कांस्टेबल मनदीप सिवाच ने बताया कि 26 मार्च को उनकी बेटी यशिका सिवाच का जन्मदिन होता है। हर साल वह बेटी का जन्मदिन परिवार और संबंधियों के साथ मानते हैं और पार्टी करते हैं। लेकिन कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने हमारे देश की स्थिति डांवाडोल कर दी है। आपातकालीन जैसे हालात में वे बेटी का जन्मदिन मनाये, यह उनका जमीर गवांरा नहीं करता। इस पर उनकी बेटी यशिका ने दूसरों की मदद करने को कहा। बेटी की बात उन्हें बहुत भायी। जिसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की अर्जी लगाई। पुलिस कप्तान व अकाउंटेंस को इस बारे पत्र भेजा और सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी। अब उनका एक माह का वेतन उनके खाते से मुख्यमंत्री राहत कोष में जाएगा। उनके इस कदम की एसपी हिमांशु गर्ग, थाना फर्कपुर प्रभारी मुकेश कुमार सहित अन्य साथी कर्मचारियों ने सराहना की है।
कर्तव्य पालन के साथ निभाया मानवता का धर्म
थाना शहर पुलिस ने प्रभारी कमलजीत के नेतृत्व में गरीब बस्ती में पहुंचकर राशन बांटा। थाना शहर यमुनानगर प्रभारी कमलजीत ने बताया कि शहर के हजारों लोग ऐसे हैं, जो दिहाड़ीदार व कामगार हैं। लॉकडाउन के कारण वह काम पर नहीं जा रहे हैं। वहीं आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी जरूरत का सामान नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सामाजिक संगठनों व पुलिस कर्मियों के सहयोग से राशन का जरूरी सामान जुटाया है। यह सामान गरीब व स्लम बस्तियों में बांटा है। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित झुग्गी झोपड़ियों में राशन बांटने पहुंचे तो वहां हालात अच्छे नहीं थे। चूंकि उनके पास जरूरत का सामान नहीं था। राशन देखकर वे खुश हो गए। इस दौरान उनके थाने के कर्मचारियों ने पूरा सहयोग किया। प्रभारी ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका व उनके साथियों का प्रयास रहेगा कि लॉकडाउन के दौरान कोई व्यक्ति भूखा न सोये।