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Yamuna Nagar News: पीने लायक नहीं शहर का पानी, बंद मिले डोजर

Wed, 07 Aug 2024 04:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के ट्यूबवेलों का पानी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। क्योंकि ट्यूबवेल के पानी में सोडियम हाइपोक्लोराइट दवा मिलाने के लिए जो डोजर रखे हुए हैं वह बंद पड़े हैं। कहीं पर तो डोजर ही नहीं है। जिस टंकी में सोडियम हाइपोक्लोराइट घोली जाती है, उसकी कभी सफाई नहीं की जाती।
टीम ने मंगलवार को शहर के कई ट्यूबवेलों पर इसका जायजा लिया तो डोजर की ऐसी ही हालत मिली। एक ट्यूबवेल पर तो उस टंकी में छिपकली बैठी मिली, जिसमें सोडियम हाइपोक्लोराइट दवाई मिलाई जाती है। शहर की रणजीत कॉलोनी में पीलिया के केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को पीने के पानी के 16 सैंपल लिए थे।
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यह सभी सैंपल अनफिट मिले थे। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में लगे हैं। जहां डोजर खराब हैं उनके भी ठीक होने का दावा कर रहे हैं। ठेकेदार के भरोसे छोड़ कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया है। ठेकेदार अपना काम ठीक से कर रहा है या नहीं कभी यह जानने की भी कोशिश अधिकारियों ने नहीं की है।
पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक रोगजनकों को खत्म करने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट मिलाई जाती है। इसे आम बोलचाल की भाषा में लोग ब्लीचिंग पाउडर भी कहते हैं। डोजर की मदद से यह दवाई बूंद-बूंद करके ट्यूबवेल के पानी में मिलती रहती है। यमुनानगर सर्कल में शहरी क्षेत्र में 103 व ग्रामीण में 292 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। संवाद
दवा की टंकी में मिली छिपकली
टीम दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर कृषि विभाग के उपनिदेशक और जमींदारा पेट्रोल पंप के बीच लगे जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल पर पहुंची। यहां तो पानी में सोडियम हाइपोक्लोराइट डालने के लिए डोजर ही नहीं मिला। दिखावे के लिए टंकी में पाइप डाला हुआ था जो ट्यूबवेल तक जाता है लेकिन वह बीच में टूटा हुआ मिला। जिस टंकी में दवा डाली जाती है उसमें झांक कर देखा तो उसमें जिंदा छिपकली बैठी थी जो आधी पानी में डूबी थी।
ट्यूबवेल चलता, डोजर मिला बंद
दोपहर 1.07 बजे टीम ताऊ देवीलाल कांप्लेक्स में सत्यम अस्पताल के पास लगे ट्यूबवेल पर पहुंचे तो यहां ट्यूबवेल तो चलता मिला लेकिन डोजर बंद मिला। डोजर का पाइप भी ट्यूबवेल में नहीं लगा हुआ था। इससे पता चला कि यहां भी ट्यूबवेल के पानी में सोडियम हाइपोक्लोराइट नहीं मिलाई जा रही है।
तीन दिन से डोजर खराब
दोपहर 1.19 बजे तेजली में राशन डिपो के नजदीक लगे ट्यूबवेल पर लगी डोजर मशीन बंद पड़ी मिली। इसके अलावा डोजर का पाइप भी टूटा हुआ था। ऑपरेटर ने बताया कि तीन दिन से डोजर खराब पड़ा है।
डोजर का पाइप जमीन पर पड़ा
दोपहर 1.53 बजे सुंदर नगर के फेज टू में गोगा माड़ी परिसर में लगे ट्यूबवेल पर लगा डोजर भी बंद मिला। डोजर का पाइप जमीन पर पड़ा मिला। जिस पर जमीन धूल की परत को देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता था कि इसे कई दिनों से चलाया ही नहीं गया। इसके अलावा जिस टंकी में सोडियम हाइपोक्लोराइट दवा डाली जाती है उसे भी कभी साफ नहीं किया गया। इसका पानी गंदा था। यहां ऑपरेटर भी नहीं मिला।
डोजर के पाइप में नहीं थी दवा
दोपहर 1.30 बजे राजधानी कॉलोनी में लगे ट्यूबवेल का भी डोजर खराब मिला। डोजर बंद पड़ा हुआ था। इसे भी देख कर लग रहा था कि कई दिनों से इसका प्रयोग ही नहीं किया गया। यहां ट्यूबवेल के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। ट्यूबवेल में जो पाइप लगा था, उसमें दवा नहीं चल रही थी।
ठेकेदारों पर अधिकारी मेहरबान : अनिल मुंजाल
ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान अनिल मुंजाल ने बताया कि ठेकेदार नियमित रूप से डोजर की सर्विस नहीं करवाता। मेरी ड्यूटी रादौर में ट्यूबवेल नंबर दो पर है। इसके डोजर की मोटर को ठेकेदार दो माह पहले उतार कर ले गया था, जिसे अभी तक लगाने नहीं आया। इसके अलावा चार व छह नंबर का डोजर भी खराब पड़ा है। सोडियम हाइपोक्लोराइट भी ठेकेदार ही सप्लाई करता है। वह 15 से 20 लीटर दवा देता है, जो 7 से 10 दिन में खत्म हो जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी इस बारे में बताया जाता है, लेकिन कोई नहीं सुनता।
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सभी डोजर ठीक : एक्सईएन
जनस्वाथ्य विभाग यमुनानगर के एक्सईएन दिनेश गाबा का कहना है कि पिछले महीने ही दवाई आई थी। उन्होंने सभी डोजर के ठीक होने का दावा किया। जब उन्हें बताया गया कि पड़ताल में डोजर बंद मिले हैं तो उन्होंने इसकी जांच कराने की बात कही।
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