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Yamuna Nagar News: जल्द शुरू होगी सिटी बस सर्विस, को आएंगी ई-बसें

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। प्रदेश में सबसे पहले पानीपत व यमुनानगर में 29 जनवरी को इलेक्ट्रिक बसें आ रही हैं। इसमें यमुनानगर डिपो के कोटे की 50 में से अभी दो से पांच इलेक्ट्रिक बसें आने की संभावना है। इनके संचालन के लिए डिपो स्तर पर तमाम तैयारियां पूरी की जा रही हैं। सबसे बड़ी जरूरत इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए बिजली आपूर्ति की है, जिसके लिए बिजली निगम से बिजली आपूर्ति लाइन डलवाई जा रही है। इसके लिए हरियाणा रोडवेज ने बिजली निगम को 33 लाख रुपये दिए हैं। जीएम रोडवेज अशोक कौशिक का कहना है कि डिपो पर बसों को आते ही ऑनरूट करने को रूट मैप तैयार है, जिसमें पहले चरण में इन्हें सिटी बस सर्विस के रूप में चलाने की योजना है। बता दें कि यमुनानगर डिपो के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसें मंजूर हैं। इनमें एसी व नॉन ऐसी दोनों तरह की बसें शामिल हैं। इनके संचालन के लिए जगाधरी बस स्टैंड के साथ चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। यहीं पर बिजली निगम की ओर से बिजली आपूर्ति लाइन दी जा रही है। इसके अलावा यहां इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत के लिए कर्मशाला भी बनेंगी।

फरवरी में चलेगी 13 वर्षों से बंद पड़ी सिटी बस सर्विस
रोडवेज जीएम अशोक कौशिक की मानें तो इलेक्ट्रिक बसों को सबसे पहले सिटी बस सर्विस के तौर पर चलाया जाएगा। यानी 13 साल से बंद पड़ी यह सर्विस फरवरी में चालू हो सकती है। जिसके पहले की तरह महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक से शहीद भगत सिंह चौक, यमुनानगर बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौक, आईटीआई, वर्कशॉप रेलवे स्टेशन तक रूट, महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक से शहीद भगत सिंह चौक, सिविल अस्पताल, जगाधरी में महाराजा अग्रसेन चौक, बूड़िया चौक तक रूट, महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक से शहीद भगत सिंह चौक, यमुनानगर बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौक, कन्हैया साहिब चौक, जगाधरी मंडी गेट, जगाधरी बस स्टैंड तक रूट रहेंगे। इससे शहरी व बाहर से आने वाले लोगों को बड़ी राहत होगी, क्योंकि अभी शहर में उक्त मार्गों पर आने जाने को केवल ऑटो व ई-रिक्शा का ही विकल्प है। अब इन मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने से लोग कम किराये में आना-जाना कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक बसें चलने का बड़ा फायदा विद्यार्थी वर्ग को होगा, क्योंकि जिले के अलग-अलग गांवों से हजारों विद्यार्थी शहर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने आते हैं। इनमें अधिकांश रोडवेज बसों से आते-जाते हैं और उनके पास बस पास है। लेकिन शहर के बीच उन्हें शिक्षण संस्थान से बस स्टैंड ऑटो, ई-रिक्शा या पैदल ही जाना जाना पड़ता है।
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इलेक्ट्रिक बसों की यह खासियत
ये इलेक्ट्रिक एसी बसें दो तरह की होंगी। एक बस की लंबाई नौ मीटर और दूसरी की 12 मीटर होगी। नौ मीटर वाली बस में करीब 35 और 12 मीटर वाली बस में 50 से 52 सीटें होंगी। एक बार बैटरी चार्ज होने पर बस 200 किमी का सफर तय करेगी। इन बसों का संचालन सिटी बस सर्विस के लिए नगर निगम के सहयोग से करने की योजना है। इनमें एसी बसों में किराया अधिक व नॉन एसी इलेक्ट्रिक बसों में किराया सामान्य बसों के बराबर रह सकता है।
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वायु प्रदूषण में आएगी कमी

अभी जिले में करीब छह हजार ऑटो हैं। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी अधिकांश लोग इनके सहारे गंतव्य तक पहुंचते हैं। इस कारण इन ऑटो में हर दिन खूब डीजल खप रहा है। जिससे वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है, क्योंकि काफी ऑटो पुराने हैं। सालभर में ऑटो का दूसरा विकल्प बनकर सड़कों पर ई-रिक्शा बढ़ते चले जा रहे हैं, वहीं अब इलेक्ट्रिक एसी बसे आने से भी वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।
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