जगाधरी। जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं होने से बच्चों का शैक्षिक स्तर प्रभावित हो रहा है। करीब 12 स्कूल ऐसे हैं। जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है और 36 स्कूल ऐसे हैं।जिनमें एक ही शिक्षक है। शिक्षक न होने से कई स्कूलों में सैट भी नहीं हो पाए हैं।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा विभिन्न कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से विभाग स्कूलों में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता और शिक्षकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है। विभाग की कई योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ जिले के कई सरकारी स्कूलों व विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा क्योंकि जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं। इसके अलावा कई स्कूल ऐसे हैं जहां चार महीने से कोई शिक्षक नहीं पहुंचा है। शिक्षकों को डेपुटेशन पर दूसरे स्कूल भेजा जा रहा है।
यही नहीं जिले के 36 स्कूलों में एक और 12 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। अब विभाग की ओर से स्कूलों में शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को जिले के 594 प्राथमिक पाठशालाओं में एक साथ पर्यवेक्षण करवाया गया। इसके लिए अधिकारी कई दिनों से तैयारी में लगे हुए थे। पर्यवेक्षण के दौरान स्कूलों की व्यवस्थाओं की पोल पट्टी खुल गई। जिन स्कूलों में कई दिनों से शिक्षक नहीं थे, वहां आनन फानन में अस्थायी रूप से शिक्षक भेजे गए। इस दौरान पर्यवेक्षण टीम ने जब बच्चों से सवाल किए तो वे जवाब नहीं दे पाए।