बिलासपुर। क्षेत्र के एक गुरुद्वारा साहिब में अंबाला की एक कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय किशोरी की शादी करा दी गई। युवक भी अंबाला का रहने वाला है। किशोरी मूल रूप से बिलासपुर के एक गांव की रहने वाली है। मामले की शिकायत संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अंबाला अरविंद्रजीत कौर को मिली तो उन्होंने इसकी जांच की। जांच में किशोरी के परिजनों, शादी करने वाले युवक व उसके परिजन को शामिल किया गया। परिजनों से पूछताछ के अलावा किशोरी के दस्तावेजों की जांच की गई। इसके अलावा जिस गुरुद्वारा में शादी हुई। वहां से भी रिकार्ड प्राप्त किया गया। जन्म प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेजों के आधार पर शादी के समय किशोरी के नाबालिग मिलने पर मामले की शिकायत बिलासपुर थाना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने किशोरी के माता पिता सहित छह लोगों पर केस दर्ज कर लिया है।
अरविंद्रजीत कौर ने बताया कि नौ मई को उनको एक मेल के माध्यम से शिकायत मिली थी कि अंबाला की एक कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय लड़की की सात अप्रैल को बिलासपुर के एक गुरुद्वारा साहिब में शादी की गई। वह नाबालिग है। इसके बाद उन्होंने जांच शुरू की। जिसमें किशोरी के माता पिता, रिश्तेदारों सहित अन्य लोगों के बयान लिए गए। बयानों में सामने आया कि जिस युवक से किशोरी की शादी कराई गई। वह उसकी मासी का लड़का है। उसकी मां बीमार रहती है। इस वजह से जल्दबाजी में शादी की गई। जब किशोरी के जन्म से संबंधित रिकार्ड खंगाला गया तो उसकी आयु 16 वर्ष की निकली। इससे पता चला कि उसका बाल विवाह हुआ है। किसी को पता न चले, इसलिए शादी साधारण तरीके से कुछ ही मेहमानों की मौजूदगी में हुई। उन्होंने बताया कि किशोरी अपने परिवार के साथ लगभग तीन वर्षाें से अंबाला में रह रही है। वह मूल रूप से बिलासपुर के एक गांव की रहने वाली है। इसलिए उसकी शादी भी बिलासपुर में ही हुई। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंद्रजीत कौर ने बताया कि शिकायत की जांच में बाल विवाह साबित होने पर इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। बिलासपुर थाना पुलिस ने मामले में किशोरी के माता-पिता समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया है।