जिला प्रशासन द्वारा बाल मजदूरों के पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे आपरेशन मुस्कान के तहत टीम ने ढाबों व दुकानों पर छापामारी कर वहां पर काम करने वाले 12 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराकर उन्हें बालकुंज छछरौली में रेसक्यू के लिए भेज दिया है। बाल कुंज में रेसक्यू के लिए भेजे गए सभी बच्चों की उमर 10 से 14 साल के बीच है। ये बच्चे बिहार, पश्चिम बंगाल, साढौरा व यमुनानगर के है।ं
बालकुंज छछरौली की सुपरिंटेंडेंट मोना चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन ने एक टीम बनाकर पूरे जिले में ऑपरेशन मुस्कान के नाम से ढाबों दुकानों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले बाल मजदूरों को मुक्त कराकर उनके पुनर्वास के लिए एक अभियान चलाया हुआ है। इसमें डीएसपी हेड क्वार्टर की तरफ से पुलिस अधिकारी व समाजसेवी शामिल हैं। ऑपरेशन मुस्कान टीम ने शनिवार को हमीदा, मानकपुर इंडस्ट्री एरिया, बैंक कॉलोनी व खेड़ा बाजार में दुकानों ढाबों तथा फैक्ट्रियों में छापामारी की। अलग-अलग जगहों से 12 बाल मजदूरों को मुक्त कराया है।
मुस्कान टीम ने लौटाई बच्चों की मुस्कान : बालकुंज छछरौली रेसक्यू के लिए लाए बच्चों का कहना था कि वे पढ़ना चाहते हैं। उनके मां बाप ने पैसों के लालच में उनको दुकानों ढाबों और फैक्ट्रियों में मजदूरी करने के लिए जबरन लगाया हुआ था। मां-बाप से कई बार स्कूल जाने के लिए जिद भी की पर वे कहते कि हम गरीब हैं और स्कूल फीस नहीं भर सकते।
इन्हें कराया मुक्त : दलीप बिहार, संदीप बिहार, बबलू बिहार, आसू व फरीयाद हमीदा यमुनानगर, चंदन बिहार, रितिक यूपी, सीटू पश्चिम बंगाल, सोनू बिहार, कांचा बिहार, रामकुमार बिहार, अभिषेक बिहार।