Chief Minister Flying Squad raid on pesticide manufacturing factory, case
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साढौरा। हवेली गांव के खेतों में स्थित एक कीटनाशक बनाने की फैक्टरी में मंगलवार को मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने छापा मारा। इस फैक्टरी में दूसरे प्रदेशों की कंपनियों के लेबल लगाकर कीटनाशक दवाईयां तैयार की जा रही थीं। छापा मारने वाली टीम को यहां पर मौजूद कर्मचारी गुजरात की कंपनी का लेबल लगाकर कीटनाशक पैक करते मिले हैं। मौके से काफी संख्या में ब्रांडेड रेपर भी मिले हैं। टीम के कागजात मांगने पर फैक्टरी मालिक कुछ दवाईयां के कागज पेश नहीं कर सका, जिसके चलते टीम ने सभी दवाइयां कब्जे में लेकर अपनी कार्रवाई शुरू की। टीम की छापामारी के दौरान कंपनी के पार्टनर साढौरा निवासी ओमप्रकाश व लाहडपुर निवासी पवन मौके से फरार हो गए। छापामार टीम ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। वर्ष 2018 से हवेली गांव में कीटनाशक बनाने की फैक्टरी चल रही थी, लेकिन अभी तक यह स्थानीय विभाग के अधिकारियों की नजर में नहीं आई। टीम ने फैक्टरी से 06 सैंपल भी लिए गए।
सीएम फ्लाइंग के डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने बताया कि गांव हवेली में नकली कीटनाशक तैयार करने की सूचना मिली थी। इस पर सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर दिनेश केे नेतृत्व में एक टीम ने छापामारी की। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट जिला उद्यान अधिकारी रमेश सैनी व कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर बालमुकंद को भी शामिल किया। जांच के दौरान पता लगा कि इस फैक्टरी के कर्मचारी गुजरात की कंपनी का लेबल लगाकर कीटनाशक पैक किया जा रहा था। यहां कई कीटनाशक ऐसे भी मिले, जिन्हें तैयार करने का इनके पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। ये भी पता चला है कि फैक्टरी से तैयार माल का स्टाक रजिस्टर व कच्चे माल का रजिस्टर भी अपडेट नहीं था। जबकि मौके पर काफी तादाद में तैयार व कच्चा माल मौजूद था। छापामार टीम ने फैक्टरी से सारा रिकार्ड कब्जे में लिया गया। कई दूसरी कंपनियों के लेबल भी बरामद किए गए हैं। साथ ही यहां पर रखे प्रत्येक कीटनाशक के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों की लैब में जांच कराने के लिए भेजा जाएगा। फैक्टरी में लगी मशीनरी व लैब में लगे उपकरण भी काफी नए थे।