फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: छछरौली बनेगा जिले का तीसरा उपमंडल

विज्ञापन
विज्ञापन
छछरौली। चंडीगढ़ में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में छछरौली को उपमंडल का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इससे रादौर और बिलासपुर के बाद अब छछरौली जिले का तीसरा उपमंडल बन जाएरा।
विज्ञापन

उपमंडल बनते ही छछरौली व खंड प्रतापनगर की 138 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा। इनमें खंड छछरौली की 82 ग्राम पंचायतें और अखंड प्रतापनगर की 56 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। दोनों में शामिल गांव की कुल संख्या 195 है। जिनकी कुल आबादी 210381 है जिसमें 118215 छछरौली व 92166 प्रतापनगर की आबादी है। उधर, छछरौली को उपमंडल का दर्जा मिलने की सूचना पर लोगों ने खुशी जताई है। जानकारी के अनुसार लंबे समय से लोग छछरौली को उपमंडल का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। लोग इसके लिए 20 साल से लगातार विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे।
यह मिलेगी सुविधाएं
छछरौली को उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों को एसडीएम कार्यालय कोर्ट ,डीएसपी कार्यालय जैसी सभी सुविधाएं अब कस्बे में ही मिलेंगी। इससे पहले छछरौली व प्रतापनगर के सभी गांव बिलासपुर उपमंडल के साथ जुड़े हुए थे। जो प्रतापनगर के गांव कलेसर व नवाजपुर गांव से लगभग 30 किमी से भी ज्यादा दूर पड़ते हैं। उपमंडल स्तर के एक छोटे से काम को लेकर ग्रामीणों का पूरा दिन खराब हो जाता था। सभी सुविधाएं छछरौली में मिलने से लोगों की परेशानी कम होगी।
विज्ञापन


छछरौली पहले विधानसभा सीट भी हुआ करती थी
2009 में लागू हुए परिसीमन के दौरान छछरौली विधानसभा सीट को समाप्त कर दिया गया था। उससे पहले जब से हरियाणा बना है तबसे छछरौली विधानसभा सीट बनी हुई थी। 2009 में छछरौली को समाप्त कर जगाधरी नई सीट बना दी गई थी। छछरौली का ज्यादा एरिया जगाधरी में कुछ एरिया साढौरा विधानसभा के साथ जोड़ दिया गया था।

फोटो-6
गुलशन अरोड़ा का कहना है लोगों की लंबे समय से छछरौली को मंडल का दर्जा दिलाने की मांग थी। जिसको लेकर स्कूल शिक्षामंत्री से मिले थे। छछरौली को मंडल का दर्जा मिला है। छछरौली को उपमंडल का दर्जा मिलने पर सैकड़ों गांव को उसका फायदा मिलेगा
-
फोटो-7
नंबरदार संजीव सैनी ने बताया कि छछरौली को उपमंडल का दर्जा मिलने पर जनता को इसका भरपूर फायदा होगा। इसके साथ बिलासपुर उपमंडल पर भी कार्य का बोझ कम होगा जिससे लोगों के काम जल्दी आसानी से हो सकेंगे।

फोटो-8 अमित कोहलीवाला ने बताया कि छछरौली को उपमंडल का दर्जा मिलने पर सबसे ज्यादा सुविधा यूपी बॉर्डर के साथ लगते खदरा क्षेत्र के गांवों को होने वाली है। क्योंकि खदरा क्षेत्र से उपमंडल बिलासपुर की दूरी लगभग 30 किलोमीटर पड़ती है। उपमंडल स्तर का छोटा सा कार्य करवाने के लिए भी पहले एक आम आदमी का पूरा दिन खराब हो जाता था।
-
वर्जन
मंत्रिमंडल की बैठक में छछरौली को उपमंडल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिलने से जनता को इसका लाभ मिलेगा और कार्यालय में लोगों के कार्य भी जल्द होंगे।
विज्ञापन

-जसपाल सिंह गिल, एसडीएम, बिलासपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें