संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कपालमोचन मेला क्षेत्र के सभी थोक व खुदरा दवा विक्रेता प्रतिबंधित दवा का अतिरिक्त स्टॉक और बिक्री नहीं कर सकेंगे। वहीं स्टॉक में पड़ी ऐसी दवाइयों का उन्हें अलग से रिकॉर्ड बनाना होगा। नशा करने वाली दवाइयों की बिक्री का अलग से ब्योरा रखने के साथ चिकित्सक की पर्ची व खरीदार की जानकारी भी विक्रेता को लेनी होगी। यह आदेश जिला औषधि विभाग की ओर से दिए गए हैं।
मेले को लेकर जिला औषधि नियंत्रक विभाग अलर्ट पर है। इसे लेकर विभाग की ओर से क्षेत्र के सभी दवा विक्रेताओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा केमिस्टों को दुकान पर लाइसेंस सहित स्थानीय अस्पताल, चिकित्सकों, आपदा प्रबंधन विभाग व सुरक्षा अधिकारियों का नंबर भी प्रदर्शित करना होगा।
सभी केमिस्टों से उनके पास मौजूद कफ सिरप सहित प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड मांगा है। वहीं, यह रिकॉर्ड प्रतिदिन दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं, ताकि जांच के दौरान दिक्कत न हो। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा भी सभी विक्रेताओं को सुनिश्चित करनी होगी। दवा के भंडारण और प्रदर्शन उचित तरीके से होना अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा दवा विक्रेता किसी को बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवाई नहीं देंगे और न ही किसी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करेंगे। मेले के दौरान किसी भी प्रकार से नशे में उपयोग की जा सकने वाली अथवा नशीली दवाओं का अनाधिकृत संग्रहण व बिक्री नहीं की जा सकेगी। केवल चिकित्सक की पर्ची पर ही दी जाएगी।
चिकित्सक की नुस्खा पर्ची जारी करने की तिथि लिखनी जरूरी होगी और अपने हस्ताक्षर भी करने होंगे। इससे एक ही नुस्खा पर्ची कई दुकानों पर प्रयोग नहीं की जा सकेगी। इससे लेकर जिला औषधि नियंत्रक ने प्रतापनगर, छछरौली व व्यासपुर के केमिस्ट शॉप संचालकों की बैठक ली। उन्होंने सभी को मेला यात्रियों को थोक दाम पर ही दवा बेचने को कहा। इसके साथ उन्होंने केमिस्टों से शॉप पर सफेद कोट पहनने की अपील की।
वर्जन
कपालमोचन मेले को लेकर विभाग सतर्क है। इसे लेकर मेडिकल स्रोर संचालकों को एडवाइजरी जारी की गई है। नियमित रूप से जांच की जाएगी। संचालकों से उनके पास रखी प्रतिबंधित दवा, कफ सिरप का रिकॉर्ड मांगा गया है। नियमों का उलंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - बिंदु धीमान, जिला औषधि नियंत्रक।