संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा की ओर से यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है। धमकी का पत्र मिलने के बाद पुलिस कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है और पुलिस कर्मचारियों को 24 घंटे हर आने-जाने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जीआरपी व आरपीएफ ने शुक्रवार को दिनभर यात्रियों की गहनता से जांच की। इसके अलावा ट्रेनोें की छानबीन की।
उल्लेखनीय है कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नाम से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) जीएम सिंह के बास धमकी भरा पत्र आया था। इस पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मिलिट्री कैंप सहित प्रमुख मंदिर और गुरुद्वारों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। इनके अलावा अंबाला कैंट, यमुनानगर, रेवाड़ी, पानीपत, करनाल, सोनीपत, शिमला, चंडीगढ़, सहारनपुर सहित अंबाला मंडल में पड़ने वाले कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देने की भी बात लिखी गई है। पत्र में भेजने वाले ने खुद को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एरिया कमांडर मोहम्मद अमीन शेख बताया है।
पत्र मिलने के बाद सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। जीआरपी की ओर से रेलगाड़ियों, प्लेटफार्म पर चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा रेलवे आउटर, यार्ड, माल गोदाम सहित पुलों इत्यादि पर चेकिंग की जा रही है। यह अभियान जीआरपी और आरपीएफ के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है। यात्रियों में दहशत न फैले इसके लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
आरपीएफ थाना इंचार्ज नरेंद्र प्रसाद का कहना है कि दिन-रात ट्रेनोें और यात्रियों की जांच की जा रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि किसी तरह की लावारिस वस्तु मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ अथवा रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें। पुलिस कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
तीन बार पहले दी जा चुकी है धमकी
इससे पहले तीन बार यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। जून 2015 में कैथल के दो व्यक्तियों ने खिजराबाद के एक व्यक्ति को फोन कर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस ने कॉल करने वाले दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद साल 2017 व 2019 में पत्र के माध्यम से स्टेशन पर बम के धमाके करने की धमकी दी गई थी।