संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लग्जमबर्ग का वर्क परमिट वीजा दिलाने के नाम पर दो युवकों से करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई।
आरोप है कि युवकों को लग्जमबर्ग भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया गया। वहां उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी एजेंट के कब्जे में चले गए। शहर जगाधरी थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी सत्तो देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे कुलदीप और रिश्तेदार के बेटे शेखर को विदेश भेजना चाहती थीं। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात अनाज मंडी जगाधरी स्थित कार्यालय में गांव दसौरा निवासी दयाल सिंह और पुराना हमीदा निवासी कर्मचंद से हुई। आरोपियों ने दोनों युवकों को लग्जमबर्ग में वर्क परमिट वीजा पर भेजने के लिए आठ लाख रुपये खर्च बताया।
शुरुआत में 4.50 लाख रुपये देने और शेष राशि विदेश पहुंचने के बाद चुकाने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में रकम दी गई। आरोप है कि बाद में आरोपियों ने दुबई का फ्रीलांस वीजा लगने की बात कहकर युवकों को भेजने की तैयारी की।
दुबई पहुंचने पर खुला मामला
शिकायत के अनुसार, दुबई पहुंचने पर युवकों को पता चला कि उन्हें फ्रीलांस के बजाय टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है। वहां एक एजेंट ने उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए। आरोप है कि इसके बाद पांच लाख रुपये और मांगे गए। रकम नहीं देने पर पासपोर्ट वापस नहीं दिलाने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में कुलदीप भारत लौट आया। सत्तो देवी ने बताया कि आरोपियों ने नौ मई 2026 को रकम लौटाने का इकरारनामा किया था, लेकिन तय समय के बाद भी पैसे वापस नहीं किए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।