फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: दुकान बेचने के नाम पर ठगे 28.57 लाख रुपये

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। दुकान बेचने के नाम पर दंपती समेत चार लोगों ने भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार गधौला निवासी सतपाल सिंह से 28 लाख 57 हजार रुपये ठग लिए। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने दुकान की रजिस्ट्री नहीं करवाई। सतपाल का आरोप है कि दुकान की रजिस्ट्री न होने के सदमे में उसकी पत्नी निशा का निधन भी हो गया। उसने छप्पर पुलिस, डीएसपी व एसपी को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बाद में गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी तो उनके आदेश में पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज किया।
विज्ञापन



गधौला निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि वह भारतीय सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त है। 18 दिसंबर 2019 को सबलपुर निवासी कुलविंदर कुमार ने उसे दुकान बेची थी। जिसका बैनामा उसकी पत्नी कुलदीप कौर के नाम पंजीकृत हुआ था। दुकान की रजिस्ट्री सब तहसील सरस्वती नगर के डीड राइटर श्याम सिंह व विनोद कुमार ने पंजीकृत कराई थी। इसके बाद आरोपी कुलविंद्र व उसकी पत्नी निशा के साथ उनकी अच्छी जान पहचान हो गई थी। आरोपियों का उनके घर आना जाना शुरू हो गया। जिससे उनका आरोपियों पर पूरा विश्वास हो गया। 24 जनवरी 2021 को आरोपी कुलविंदर कुमार व उसकी पत्नी निशा उनके घर आए। उन्होंने उन्हें दूसरी दुकान बेचने की बात कही। आरोपियों पर विश्वास के चलते वे उनकी दूसरी दुकान खरीदने को तैयार हो गए। आरोपियों ने उसे साल 2018-19 की फर्द जमाबंदी दिखाई। जिसमें 19 अप्रैल 2018 को आरोपी कुलविंदर कुमार द्वारा अपनी पत्नी निशा के नाम दुकान की ट्रांसफर डीड कराई हुई थी। आरोपियों ने उसकी नकल उन्हें दिखाई। जिस पर वे दुकान खरीदने को राजी हो गए। इस दुकान का सौदा 28 लाख 57 हजार रुपये में तय हुआ था। 18 फरवरी 2021 को इसका इकरारनामा लिखा गया था। इकरारनामा में आरोपी कुलविंद्र कुमार व उसकी पत्नी ने माना था कि इस दुकान पर उन्होंने लोन लिया हुआ है। आरोपी यह लोन स्वयं ही क्लीयर करवाने के लिए बोलने लगे। जिस पर उन्होंने 23 फरवरी 2021 को 28 लाख रुपये चेक के माध्यम से व 57 हजार रुपये नकद दे दिए। बैंक से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेने के बाद आरोपी उन्हें सरस्वती नगर सब तहसील कार्यालय में ले गए। जहां डीड राइटर श्याम सिंह व विनोद कुमार ने दुकान की रजिस्ट्री उसकी पत्नी के नाम लिखवा दी। लेकिन आरोपियों ने मिलीभगत करके कंप्यूटर द्वारा रकबा नहीं उठाने की बात कहकर उनकी रजिस्ट्री रजिस्टर्ड नहीं करवाई। तब आरोपियों ने बाद में रजिस्ट्री कराने की बात कहीं। लेकिन कई दिन बीतने पर भी आरोपियों ने दुकान की रजिस्ट्री नहीं कराई। इस सदमे में छह जून 2021 को उसकी पत्नी कुलदीप कौर की मौत हो गई। इसके बाद रजिस्ट्री कराने को लेकर कई बार पंचायतें हुई, लेकिन आरोपियों ने न तो दुकान की रजिस्ट्री कराई और न ही उसके रुपये लौटाए। रुपये मांगने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है। उसने इसकी शिकायत पहले छप्पर थाना पुलिस, डीएसपी व एसपी को दी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उसने इसकी शिकायत गृह मंत्री अनिल विज को दी। उनके आदेश पर छप्पर थाना पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें