फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: गलत नंबरों पर जा रहे चालान, पुलिस परेशान

Wed, 03 Sep 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर चालान करते पुलिसकर्मी। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। पुलिस ने यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। वाहन चालकों को चौराहों पर रोक कर तो चालान काटे ही जा रहे हैं, वहीं अब मोबाइल से फोटो खींच कर चालान की संख्या को बढ़ाने की कवायद हो रही है। इसके लिए होमगार्ड के जवाब अपने मोबाइल से फोटो खींचते हैं और फिर वाहन की नंबर प्लेट के आधार पर लोगों के चालान करते हैं। चालान तो कट रहे हैं, लेकिन यह सभी लोगों के मोबाइल पर डिजिटली नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ चालान ऐसे हैं जो मोबाइल नंबर बदल जाने से गलत नंबरों पर जा रहे हैं। गत सप्ताह हुई रोड सेफ्टी की बैठक में भी इस बारे में चर्चा की जा चुकी है।
पुलिस का तर्क है कि 2015 से पहले के जो वाहन एसडीएम कार्यालयों में पंजीकृत हैं उनमें से ज्यादातर के मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है। ऐसे में पुलिस के पास सभी वाहनों के मोबाइल नंबर नहीं है। दरअसल होम गार्ड के जवान यातायात नियम तोड़ने वालों के मोबाइल से फोटो खींच कर ट्रैफिक थाना में भेजते हैं।
विज्ञापन

वहां पर बैठे कर्मचारी वाहन की नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक का पता निकालते हैं। पुराने वाहन मालिकों में से सैकड़ों लोगों के घर का पता अब बदल चुका है। इसलिए डाक से जो चालान भेजा जाता है वह वापस आ जाता है। ऐसे में चालान के वापस आने से पुलिस पर डाक खर्च का अतिरिक्त भार पड़ जाता है।
इस पर पुलिस ने योजना बनाई थी कि मोबाइल से खींचे गए फोटो और चालान को वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। ताकि वाहन मालिक यह न कह सके कि जहां पर उसका चालान काटा गया है वह तो उस तरफ गया ही नहीं था। अब रजिस्टर्ड नंबर न होने से पुलिस की परेशानी काफी बढ़ गई है।
इसके अलावा दूसरी दिक्कत लोगों के मोबाइल नंबर बदलना भी है। ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने वह मोबाइल नंबर बदल लिए हैं जो वाहन रजिस्टर्ड करवाते समय दिया था। इससे काफी चालान गलत मोबाइल नंबरों पर भी पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल पर आए चालान को देख कर लोग चकरा जाते हैं। इस पर लोग फोन करके पुलिस को बताते हैं कि यह मोबाइल नंबर उन्होंने कुछ माह या साल पहले उन्होंने लिया है। जिस वाहन का चालान उनके पास भेजा गया है वह तो उनके नाम पर रजिस्टर्ड ही नहीं है।
विज्ञापन

वर्ष 2015 से पहले के जो वाहन रजिस्टर्ड हैं उनमें से बहुत से लोगों के मोबाइल नंबर नहीं हैं। साथ ही काफी नंबर बदल चुके हैं। जिस कारण वाहन मालिक के मोबाइल पर चालान व वाहन की फोटो नहीं भेज पा रहे हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है ताकि समस्या का समाधान निकल सके।

- कुशलपाल राणा, एसएचओ, थाना यातायात यमुनानगर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें