फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय की टीम की दबिश, यूरिया के तीन गोदाम सील

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय की टीम ने जिले में यूरिया के गोदामों पर ताबड़तोड़ जांच की। वीरवार रात से शुरू हुई कार्रवाई शुक्रवार को देर शाम तक चलती रही। केंद्रीय टीम की इस कार्रवाई से यूरिया बेचने वाले डीलरों में हड़कंप मचा रहा। कार्रवाई के डर से ज्यादातर डीलर अपने गोदामों पर ताला लगा चले गए। औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने गोदामों से यूरिया के सैंपल लिए और उनके दस्तावेजों की जांच भी की। इस दौरान टीम ने तीन गोदामों को सील भी किया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार वीरवार रात केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय की टीम सबसे पहले करेहड़ा खुर्द में विंटक ओवरसीज फर्म के गोदाम पर पहुंची। टीम ने गोदाम पर रखे यूरिया का स्टॉक रजिस्टर व बिलों की जांच की। माना जा रहा है कि किसी ने विंटक ओवरसीज फर्म के बारे में शिकायत की थी। इस दौरान टीम ने स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। टीम ने फर्म के बिल व स्टाॅक जांचे। कुछ दस्तावेज कब्जे में भी लिए हैं। यहां से उन्होंने टेक्निकल ग्रेड यूरिया के तीन सैंपल लिए। जिन्हें स्थानीय कृषि विभाग के माध्यम से लैब में जांच के लिए भिजवाया जाएगा। टीम शुक्रवार को हरनौली में बालाजी ट्रेडर्स, टोडरपुर में एचएस ट्रेडर्स व खजूरी में राणा ट्रेडर्स पर जांच करने के लिए पहुंची। तीनों के डीलरों को टीम के आने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी इसलिए वह ताला लगाकर वहां से निकल गए। टीम ने मौके पर ही तीनों के डीलरों को फोन भी किया लेकिन उन्हाेंने फोन नहीं उठाया और न ही वह मौके पर पहुंचे। इसलिए तीनों के गोदाम एवं दुकानों को सील करके बाहर स्टॉक की जांच कराने का नोटिस चिपका दिया। टोडरपुर में जिस गोदाम पर टीम पहुंची उसका संचालक पहले भी अवैध रूप से खाद की तस्करी में संलिप्त मिल चुका है।
-
सारे दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए : आशिक खान
विंटक ओवरसीज फर्म के संचालक आशिक खान ने बताया कि उवर्रक मंत्रालय की टीम उनके गोदाम पर आई थी। यह रुटीन की कार्रवाई है। अधिकारी सभी गोदामों में समय-समय पर यूरिया के स्टाॅक की जांच करते रहते हैं ताकि कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने जो दस्तावेज मांगे वह उन्हें दिए गए हैं। जेएनएफसी से यहां पर यूरिया आता है। उसके बिल भी दिए गए हैं।
विज्ञापन

-
टेक्निकल व कृषि यूरिया के रेट में बहुत अंतर
जिले में अब तक कृषि योग्य यूरिया की प्लाईवुड फैक्टरियों में बड़े स्तर पर तस्करी हो रही है। कृषि विभाग के अधिकारी भी करीब 12 से अधिक तस्करों पर एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद यूरिया की तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। किसान को खेती के लिए नीम कोटेड यूरिया का 45 किलोग्राम का जो बैग दिया जाता है उसकी कीमत करीब 267 रुपये है। सस्ता होने के कारण फैक्टरियों में तस्करी कर इस यूरिया से ग्लू बनाया जाता है। जबकि ग्लू बनाने के लिए सरकार टेक्निकल ग्रेड यूरिया देती है। इसका बैग 2500 से 2700 रुपये का है। रुपये बचाने के लिए फैक्टरियों में कृषि योग्य यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन

-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें