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Yamuna Nagar News: मना रहे प्रवेश उत्सव, शिक्षक हैं नहीं

Mon, 08 Apr 2024 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल पांच हजार अधिक विद्यार्थियों का दाखिला करने का विभाग ने लक्ष्य रखा है। वहीं प्रवेश उत्सव के बीच विभाग ने 2017 के जेबीटी का तबादला कर दिया है। इससे जिले के डेढ़ दर्जन से ज्यादा स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। ऐसे में विभाग का प्रवेश उत्सव व विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का अभियान बेमानी दिखाई दे रहा है।
विभाग की ट्रांसफर ड्राइव के बाद 1100 शिक्षकों का तबादला हो गया है। वहीं मात्र 450 शिक्षक ही जिले को मिले है। जिसके बाद जिले में 650 शिक्षकों की कमी हो गई है। जिले में पहले ही शिक्षकों का टोटा था, अब और ज्यादा कमी हो गई है। इसके बाद विभाग को जहां प्रवेश उत्सव व विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की चिंता सताने लगी है, वहीं दूसरी तरफ अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। चूंकि स्कूलों में जितनी भी सुविधाएं जुटा ली जाए, लेकिन बिना शिक्षक के पढ़ाई नहीं हो सकती है। जिले में 650 शिक्षकों की कमी से डेढ़ दर्जन से ज्यादा स्कूल शिक्षक विहीन हो गए। शिक्षकों की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर दाखिले पर भी पड़ेगा।
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तबादले के बाद जिले में 450 अध्यापक ही फिलहाल नियुक्त किए गए हैं। यह ट्रांसफर ड्राइव प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के अध्यापकों का हुआ है। शिक्ष्कों का तबादला ऐसे समय में हुआ जब शिक्षक घर जाकर लोगों को सरकारी स्कूलों की सुविधाओं के बारे बता रहे हैं। ऐसे में विभाग का दाखिला अभियान औंधे मुंह गिरता नजर आ रहा है। इस पर अभिभावक रोष जता रहे हैं।
अभिभावक रवि प्रकार, अर्जुन, रोहित, राजकुमार ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को निजी से हटाकर सरकारी स्कूल में भर्ती किया, लेकिन अब शिक्षकों की कमी से उन्हें बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ प्रधान संजय कांबोज ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से तबादले की राह देख रहे थे। इसके लिए उन्होंने संघर्ष भी किया है। स्कूलों में अध्यापकों की कमी दूर करने के लिए सरकार को योजना बनानी चाहिए। अध्यापक अपने स्तर शिक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

इन स्कूलों में नहीं शिक्षक

ट्रांसफर ड्राइव के बाद दड़वा, रामबांस, दमोपुरा छोटा, दमोपुरा बड़ा, मंडोली गगड़, जयधरी, भीलपुरा, मंडेवाला, रगड़ माजरा, माली माजरा, मलिकपुर खादर, बूड़ा भूड़, कोलीवाला, बेगमपुर, सपेलिया, नवाजपुर, बिचपड़ी, देवधर, बलेवाला, दड़वा, तेलीपुरा, खदरी, भंगेड़ा, खिजराबाद, बागपत, चिकन, मुजाफ्त खुर्द, मजाफ्त, जोगीवाड़ा, लाक्कड़, कन्हैयावाला स्कूल में नहीं रहे। वहीं जामुनावाला, सुलतानपुर, कोटला, टाेडरपुर, नन्हेंड़ी, संगोली, मिलक जुबिलयान, बीर माजरी, सरावां की टपरियां, डूमवाला, असगरपुर स्कूल में कोई शिक्षक नहीं रहा है।
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जिले से जेबीटी शिक्षक रिलीव हो रहे हैं। जिससे शिक्षकों की कमी हो गई है। अन्य से अपने जिले में शिक्षक आ भी रहे हैं। इनके आने के बाद ही सही संख्या का पता चल पाएगा। इसके लिए सभी खंडों से रिपोर्ट मांगी गई है। - धर्मेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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