संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव खारवन की महिला ने छछरौली की बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) मोहन लता व समूह सेविका पिंकी पर उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर मानदेय के 55 हजार रुपये हड़पने के आरोप लगाए हैं। थाना छछरौली पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत में महिला ने बताया कि वह छछरौली में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अटल किसान कैंटीन में कार्यरत है। वर्ष-2023 में गांव भूखड़ी की समूह सेविका पिंकी ने उससे दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट व आधार कार्ड की फोटोकॉपी ली थी। 15 दिन बाद पिंकी ने दस्तावेजों की फोटोकॉपी वापस कर दी। पिंकी ने उसे बताया कि उसकी समूह सेविका की फाइल रिजेक्ट हो गई है।
इसके 40-45 दिन बाद खंड कार्यालय से एक कर्मचारी कैंटीन पर खाना खाने आए, जिनसे पता चला कि तीन साल से उसके नाम पर मानदेय जारी किया जा रहा है। वर्ष-2023 में 6700, वर्ष-2024 में 5000 और 2025 में 44000 रुपये उसके नाम से स्वीकृत होकर उत्साह महिला कलस्टर लेवल फेडरेशन खदरी बैंक खाते में आई थी।
यह पता चलने पर सात-आठ दिन बाद जून-2025 में बीपीएम मोहन लता व पिंकी के खिलाफ एसडीएम छछरौली को शिकायत दी। इसमें आरोप लगाए कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। शिकायत करने के बाद पिंकी व उसका पति घर पर आए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि मानदेय के जितने पैसे हैं, वो मिल जाएंगे, पर छछरौली एसडीएम को दी शिकायत वापस लेनी पड़ेगी।
उन्हें शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उसके दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर कर मानेदय हड़प लिया। तब उसकी शिकायत पर थाना छछरौली पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं पर मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी सुभाष का कहना है कि मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।