संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की राजनीति में नया मोड़ आ गया है, क्योंकि दो प्लान (10 साल) बाद मेयर पद एससी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इससे सबसे बड़ा झटका निवर्तमान मेयर मदन चौहान को लगा है, क्योंकि वह दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
ऐसे ही मेयर पद एससी महिला रिजर्व होने से अन्य वर्गों से मेयर टिकट की दावेदारी करने से लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं के मनसूबों पर पानी फिर गया है।
वहीं एससी महिला वर्ग से मेयर टिकट मिलने व चुनाव लड़ने की आस लगाए बैठे नेताओं के चेहरे पर रौनक आ गई। इनमें कई पूर्व पार्षद व दलों के पुराने पदाधिकारी शामिल हैं, जो अपने दलों से मेयर टिकट की चाह में दावेदारी जताने की रणनीति बना रहे हैं।
नगर निगम यमुनानगर जगाधरी का गठन मार्च-2010 में हुआ, तब वार्डों की संख्या 20 थी। पहली बार चुनाव वर्ष 2014 में हुए तो मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था और मेयर का चुनाव चुने गए पार्षदों ने किया था। इसमें कांग्रेस की सरोज बाला मेयर रहीं। इसके बाद वर्ष-2018 में हुए चुनाव में वार्डों की संख्या नई वार्डबंदी मुताबिक 20 से बढ़कर 22 हो गई।
इस दौरान मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहा और मेयर का चुनाव भी प्रत्यक्ष यानी सीधे जनता द्वारा किया गया। इसमें भाजपा से मदन चौहान मेयर रहे। हालांकि आगामी प्लान के लिए मेयर पद एससी महिला रिजर्व होने की दो साल से चर्चा चल रही थी, पर साथ ही पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने की भी अटकलें लग रही थीं। लेकिन शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा निकाले गए ड्रॉ से तमाम अटकलों पर विराम लग गया।
एक साल से लंबित चुनाव, फरवरी में उम्मीद
नगर निगम के पिछले सदन (मेयर व 22 पार्षदों) का कार्यकाल सात जनवरी 2023 से खत्म हो गया था। इस तरह करीब एक साल से नगर निगम चुनाव लंबित हैं, जो फरवरी-2025 में होने की उम्मीद है। पहले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के चलते वार्डबंदी कार्रवाई लटक गई। विधानसभा चुनाव के बाद गत सात दिसंबर को नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट की प्रति नगर निगम कार्यालय में चस्पाई गई, जिस पर 16 दिसंबर की अवधि तक 13 एतराज आए। इनमें 12 एतराज खारिज और एक स्वीकृत हुआ। अब ड्राफ्ट फाइनल नोटिफिकेशन के लिए सरकार को भेजा गया है।