संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यासपुर की ओर से विजय दशमी उत्सव व पथ संचलन का आयोजन रविवार को राजकीय स्कूल परिसर में किया गया। स्वयंसेवकों ने कदम-से-कदम मिलाकर नगर भ्रमण किया और सेवा, अनुशासन तथा राष्ट्रभावना का संदेश दिया। वक्ताओं ने स्वयंसेवकों से पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता अजात आश्रम के महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी शताब्दी यात्रा के दौरान समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर योगदान दिया है। उन्होंने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्तिगत परिवर्तन के तहत जीवन में अनुशासन, संयम और सेवा भाव अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक परिवर्तन के माध्यम से परिवार में संस्कार, सदाचार और एकता का वातावरण बनाना चाहिए। सामाजिक परिवर्तन के अंतर्गत सहयोग, सेवा और संगठन को मजबूत करना, जबकि सांस्कृतिक परिवर्तन के तहत अपनी परंपराओं, भाषा और संस्कृति का संरक्षण करना आवश्यक है। राष्ट्रीय परिवर्तन का उद्देश्य राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की प्रगति में योगदान देना है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्वयंसेवक पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाए तो समाज और राष्ट्र को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज की जरूरतों के प्रति सजग रहकर सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष नरेश कुमार ने स्वयंसेवकों की अनुशासित कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर संस्कारित जीवन अपनाने की अपील की।