संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट के खंभों पर अब केबल, इंटरनेट व अन्य कंपनियों के तारों का जाल नहीं रहेगा। नगर निगम द्वारा बिना अनुमति खंभों पर तार बिछाने वाली केबल, इंटरनेट व अन्य कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए है।
कंपनियों ने इन तारों को स्ट्रीट लाइट पोल से नहीं हटाया तो नगर निगम द्वारा इन तारों को काट कर साफ कर दिया जाएगा। यह निर्णय नौ अक्तूबर 2025 को हुई नगर निगम सदन की बैठक में पारित प्रस्तावों पर अब तक हुई कार्यवाही की समीक्षा बैठक में लिया गया। यह बैठक मेयर सुमन बहमनी व नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की देखरेख में हुई।
बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च के पहले सप्ताह में शहर के छोटे नालों की सफाई का कार्य शुरू किया जाए। जिन नालों पर अवैध कब्जे है, उन्हें हटाया जाए। क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत करें। स्टॉर्म वाटर लाइन के मेनहोल पर ढक्कन रखने का कार्य करें। जिन वार्डाें में अभी तक 25-25 लाख रुपये के मरम्मत कार्य नहीं हुए, उनमें जल्द 25 लाख के मरम्मत कार्य कराएं।
समीक्षा बैठक के दौरान मेयर सुमन बहमनी व आयुक्त महाबीर प्रसाद ने प्रत्येक प्रस्ताव पर गहन चर्चा की और संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सदन में पारित सभी प्रस्तावों पर आगामी बैठक से पहले कार्यवाही पूरी की जाए। स्ट्रीट लाइट के खंभों पर बने केबल तारों के जाले के बारे में एसडीओ राजेश शर्मा ने बताया कि स्ट्रीट लाइट के खंभों पर बिना अनुमति तार डालने वालों को नोटिस जारी किए गए है।
स्टॉर्म वाटर लाइनों के मेनहोल पर रखे जाएंगे ढक्कन
वार्ड सात में स्टॉर्म वाटर लाइन के ढक्कन लगाने के प्रस्ताव पर सहायक अभियंता मुनेश्वर भारद्वाज ने जवाब दिया कि स्टॉर्म वाटर लाइन के मेनहोल पर ढक्कन रखने का टेंडर अलॉट हो गया है। एक हजार ढक्कन मंगवाए गए है। पूरे वार्ड में स्टॉर्म वाटर लाइन पर यह ढक्कन लगाए जाएंगे। मेयर सुमन बहमनी ने निगम अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी वार्डाें में स्टॉर्म वाटर लाइन के मेनहोल पर यह ढक्कन लगाने का कार्य किया जाए। जो ढक्कन क्षतिग्रस्त है, उन्हें भी बदला जाए।
रेलवे रोड के बंद नाले की मरम्मत के लिए बनाई कमेटी
रेलवे रोड पर भगत सिंह चौक से मधु चौक तक सड़क किनारे बने नाले को दुरुस्त करने के प्रस्ताव पर सहायक अभियंता मृणाल जायसवाल ने बताया कि यह रोड पीडब्ल्यूडी का है। यह नाले भी पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए गए थे। नाले बनने के बाद एक बार भी नहीं चले। तभी से यह नाला बंद है। यह नाला जगह जगह से क्षतिग्रस्त है। मेयर व आयुक्त ने नाले की मरम्मत को लेकर जांच कमेटी गठित की। जिसमें संबंधित पार्षद, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी एसडीओ को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी नालों की पूरी रिपोर्ट बनाएगी। जिसमें नाले की निकासी है या नहीं। जिस एजेंसी ने नाले का निर्माण किया, उसकी अदायगी कैसे हो गई। नाले की मरम्मत पीडब्ल्यूडी कराएगा या नगर निगम।