संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम की ओर से शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ वार्ड रैंकिंग प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है। प्रतियोगिता के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को दृष्टिगत रखते हुए गठित स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की टीम की ओर से शहर के सभी वार्डों में जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी के सलाहकार लोकेश सेन व आईईसी विशेषज्ञ दुर्गेश ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था, गीला एवं सूखा कचरा पृथक्करण की स्थिति, घरेलू स्तर पर कंपोस्टिंग अथवा घर पर खाद निर्माण, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के निस्तारण की व्यवस्था, खुले में गंदगी की स्थिति, सार्वजनिक स्थलों पर सफाई की दशा तथा पार्क, होटल, बाजार, रेस्टोरेंट एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को प्रमुखता से परखा जा रहा है।
इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वार्डों में नागरिकों द्वारा स्वच्छता नियमों का कितना पालन किया जा रहा है तथा नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का सही ढंग से उपयोग हो रहा है या नहीं। टीम निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और संस्थान संचालकों से भी संवाद कर रही है, ताकि स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं और सुझावों की जानकारी सीधे तौर पर प्राप्त की जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिन वार्डों में सफाई व्यवस्था, सीवर, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट अथवा अन्य बुनियादी सेवाओं से संबंधित कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि स्वच्छ वार्ड रैंकिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वार्ड स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा स्वच्छ भारत मिशन को जन-आंदोलन के रूप में सशक्त बनाना है।