यमुनानगर। जगाधरी शहर से गुजर रहे नेशनल हाइवे 73 ए पर होने वाले जानलेवा हादसों पर जल्द ही अंकुश लगने वाला है। हाइवे को शहर से बाहर करने के लिए दादुपुर-नलवी के साथ-साथ बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने इसके लिए 8.75 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस हाइवे के निर्माण का शिलान्यास करेंगे।
दादुपुर से निकलकर कैल की ओर आने वाली दादुपुर-नलवी के साथ-साथ बाईपास का निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। मानकपुर के नजदीक से लेकर कैल तक करीब छह किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण किया जाएगा। इसकी चौड़ाई 10 मीटर की होगी। इस बाईपास के बनने से कैल से मानकपुर तक करीब छह किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा।
कई सालों से की जा रही थी बाईपास की मंाग
यमुनानगर व जगाधरी शहर के बीच से दो नेशनल हाइवे गुजरते हैं। इन दोनों हाइवों पर प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। यमुनानगर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे 73 को शहर से बाहर करने के लिए बाईपास का निर्माण चल रहा है। जगाधरी शहर से गुजर रहे हाइवे को शहर से बाहर करने की मांग कई सालों से की जा रही है।
हाइवे पर जा चुकी है सौ से अधिक जान
नेशनल हाइवे 73 ए शहर के बीच से गुजरने के कारण यहां होने वाले हादसों की लंबी फेहरिस्त है। पिछले 10 सालों से इस हाइवे पर 100 से अधिक व्यक्तियों की जान जा चुकी है। जगाधरी बस अड्डा चौक पर सबसे अधिक जानलेवा हादसे हुए हैं। इस कारण यह चौक डेथ प्वाइंट के नाम से बदनाम हो चुका है। वहीं, मटका चौक पर भी दर्जनों जानलेवा हादसे हो चुके हैं। मटका चौक के आसपास आधा दर्जन स्कूल-कॉलेज हैं। हाइवे से प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी गुजरते हैं। हाइवे से गुजरने वाले भारी वाहनों की चपेट में आकर कई विद्यार्थी भी अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। इसके अलावा अग्रसेन चौक के नजदीक हाइवे पर लक्कड़ मंडी लगती है। मंडी में आने वाले वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। हाइवे से निकलने वाले भारी वाहनों के कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
वर्जन ::::::
कैल से लेकर मानकपुर के नजदीक तक बाईपास बनाया जा रहा है। इसके लिए टेंडर हो गया है और वर्क आर्डर जारी होने वाला है। अगले साल मार्च तक बाईपास बन कर तैयार हो जाएगा।
- आरके टिंडवाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर