संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गैंगस्टरों की ओर से फोन पर रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और गोलीकांड के बढ़ते मामलों से जिले के कारोबारी दहशत में हैं। इसे कम करने के लिए अलग-अलग व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी जिला पुलिस से कारोबारियों के लिए सुरक्षा चाह रहे हैं। उनकी मांग है कि नशा व अवैध हथियारों को जिले में आने से रोका जाए, वहीं विदेश में बैठे गैंगस्टर व जिले में उनके सभी गुर्गों की धरपकड़ की जाए।
स्मैक की बिक्री रोके पुलिस
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल ने कहा कि जिला पुलिस को स्मैक व अन्य महंगे नशे पर पूरी तरह अंकुश लगाना होगा। क्योंकि नशे की लत में ही किशोर व युवा वर्ग आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं। महंगे नशे का शोक ही उन्हें अपराध की ओर ले जा रहा है। स्मैक व अन्य नशा बेचने वाले व सप्लायर पकड़े भी गए, पर पुलिस को चाहिए कि मामलों की तह में जाकर इस धंधे के सरगनाओं को भी पकड़े।
खौफ में व्यापारी
व्यापारी संजय ने कहा कि पहले ही व्यापारी वर्ग मंदी की मार झेल रहा है। जिले की पहचान बनाने वाली प्लाईवुड व बर्तन की एक के बाद एक मंदी के कारण फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। काफी कारोबारी दूसरे प्रदेशों या विदेश में कारोबार ले जाने पर मजबूर हैं। मंदी के इस दौर में जिले में जो कारोबारी हैं, वो भी लगातार बढ़ते रंगदारी मांगने के मामलों व गोलीकांड से खौफजदा हैं। जिला पुलिस को इन अपराध पर अंकुश लगाना होगा।
सुरक्षित माहौल मिले
व्यापारी चिराग सिंघल ने कहा कि बढ़ते अपराध से कारोबारियों सहित आमजन में खौफ बढ़ रहा है। इसके लिए केवल पुलिस जिम्मेदार नहीं है बल्कि प्रदेश सरकार का जिम्मा बनता है कि वह प्रदेशवासियों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराए। आरोप है कि प्रदेश सरकार सुरक्षा मामले में गंभीर नहीं है, तभी एक के बाद एक जिले सहित प्रदेश में बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। इन पर प्रदेश सरकार को कार्रवाई करनी होगी।