संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लगातार हो रही बारिश के कारण दड़वा डेयरी कॉम्प्लेक्स में जलभराव की समस्या गहरा गई है। कॉम्प्लेक्स के भीतर और आसपास के रास्तों पर पानी जमा होने से डेयरी संचालकों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। संचालकों का कहना है कि लाखों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स देने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।
दड़वा डेयरी कॉम्प्लेक्स में 162 डेयरियां संचालित हैं, जहां से प्रतिदिन शहर और आसपास के गांवों में दूध की आपूर्ति की जाती है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सभी रास्तों पर पानी भर गया है। डेयरी संचालकों का कहना है कि पानी से होकर गुजरते समय कई बार लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। कई बार नगर निगम अधिकारियों को ज्ञापन देने और समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
सोनू महना, दीपक शर्मा, श्रवण कुमार, शंकर कुमार, पंकज ओबरॉय और नरेंद्र भल्ला ने बताया कि सरकारी ट्यूबवेल अक्सर खराब रहता है, जिससे पशुओं को पानी पिलाने में परेशानी होती है। जलभराव के कारण कॉम्प्लेक्स में दलदल की स्थिति बन गई है और कई डेयरियों की नींव तक कमजोर होने लगी है। कोई भवन क्षतिग्रस्त होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
डेयरी संचालकों का कहना है कि कॉम्प्लेक्स बने नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी जल निकासी, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने नगर निगम से जल्द स्थायी समाधान कर कॉम्प्लेक्स की समस्याओं का निवारण करने की मांग की है।
बारिश के दिनों में हो रहा चारा खराब
डेयरी संचालकों ने बताया कि बारिश का पानी डेयरियों में रखे हरे चारे, खल, फीड और अन्य पशु आहार को भी खराब कर देता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कुलदीप मेहता, जितेंद्र लांबा, संजय पाहवा, सतपाल मेहता और मामराज ने बताया कि डेयरी व्यवसाय व्यावसायिक श्रेणी में होने के बावजूद यहां बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। कई बार दो-दो दिन तक बिजली नहीं आती, जिससे डेयरी संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की कि डेयरी कॉम्प्लेक्स की बिजली व्यवस्था को शहर की लाइन से जोड़ा जाए।