छुट्टी के दिन भी बसों की होगी जांच, एक मई से कार्रवाई के लिए रहें तैयार
निजी स्कूल संचालकों को विभाग और अधिकारियों की ओर से दी गई हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमों को ताक पर रख कर सड़कों पर अनफिट बसें चला रहे निजी स्कूलों पर परिवहन विभाग अब नरम हो गया है। बसों की फिटनेस को पूरा करने के लिए विभाग ने सभी निजी स्कूल संचालकों को 30 अप्रैल तक का समय दिया है। अब एक मई से विभाग का चेकिंग अभियान फिर से चलेगा। दावा किया जा रहा है कि 30 अप्रैल के बाद यदि किसी स्कूल की बस अनफिट मिली तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यमुनानगर समेत प्रदेशभर में अब छुट्टी के दिन शनिवार व रविवार को भी सभी स्कूल बसों की जिला परिवहन विभाग की तरफ से जांच की जाएगी। यहां तक की 17 अप्रैल को श्रीराम नवमी के दिन भी बसों की जांच करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा इसलिए ताकि अप्रैल माह में ही सभी बसों की जांच पूरी की जा सके। महेंद्रगढ़ में हुए स्कूल बस हादसे के बाद जिले में प्रशासन द्वारा बसों की जांच का कार्य शुरू किया था। मात्र तीन दिन की जांच में ही दर्जनों स्कूल बसें अनफिट मिली हैं। किसी में आग बुझाने के यंत्र नहीं हैं तो किसी में प्राथमिक उपचार के लिए किट ही नहीं है।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी पर नहीं होती चर्चा
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी बहुत ही अहम मुद्दा है। इसी पर निर्भर करता है कि निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को लाने व ले जाने के लिए लगाई गई बसों में मासूम कितने सुरक्षित हैं। इसके बावजूद हर माह होने वाली रोड सेफ्टी की बैठक में कभी सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी पर गंभीरता से चर्चा ही नहीं की गई। ऐसे में स्कूल बसों के साथ हो रहे हादसों के लिए प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ-साथ अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।
छुट्टी के दिन भी जांच करेंगे : हैरतजीत कौर
जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने बताया कि जिन स्कूल बसों में कोई कमी है, उसे दूर करने के लिए स्कूलों को 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। तब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके लिए दो सप्ताह तक शनिवार व रविवार को भी स्कूल बसों की जांच की जाएगी।