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Yamuna Nagar News: रोडवेज में बसें बढ़ीं ग्रामीण रूटों पर नहीं

Fri, 10 May 2024 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। गत पांच वर्ष में जिले में ऑन रूट रोडवेज बसें 130 से बढ़कर 180 हो चुकी हैं। बावजूद इसके जिले में कई ग्रामीण रूटों पर बस नहीं है या उनके फेरे मांग से कम हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग लोकसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच ग्रामीण रूटों पर बस सेवा में सुधार की मांग कर रहे हैं।
गत डेढ़ साल पहले भी यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की करीब 130 बसें थी, जिनमें 115 से 120 बसें ऑन रूट रहती थी। गत सवा साल में 65 यूरो-6, 10 एसी, पांच इलेक्ट्रिक बसें आईं। इस बीच कुछ बसें कंडम घोषित भी हुईं। इसके बाद भी मौजूदा समय में डिपो पर कुल बसों की संख्या 180 हैं, जिनमें 170-175 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
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नई बसों के आने से जिले के ग्रामीण रूटों पर भी बस सेवा बढ़ने की उम्मीद थी। ग्रामीणों को आस थी कि जिन रूटों पर बसें नहीं हैं, वहां बसें चलेंगी और जिन रूटों पर बसों के फेरे कम हैं, वहां फेरे बढ़ेंगे। लेकिन ग्रामीण रूटों पर हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। कई ग्रामीण रूटों पर अभी भी बसें नहीं हैं, वहीं जिन रूटों पर बसें हैं, उन पर मांग से बसों के फेरे कम हैं। इससे खासकर ग्रामीण रूटों से शिक्षण संस्थान जाने वाले विद्यार्थी ज्यादा परेशान हैं।
साथ ही अन्य नौकरीपेशा व काम से ग्रामीणों को शहर व अन्य स्थानों पर निजी या कमर्शियल वाहनों से आने-जाने पर मजबूर हैं। ग्रामीण रूटों के बीच ही नहीं बल्कि यमुनानगर व जगाधरी सहित अन्य बस अड्डों पर विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों और लोगों में ग्रामीण रूटों पर पड़ने वाले स्टॉपेज पर बस रुकते ही उनमें चढ़ने की होड़ रहती है और कई बार धक्का मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। यही नहीं कई विद्यार्थी बसों के दरवाजों पर लटककर और छतों पर चढ़कर शिक्षण संस्थानों में पहुंचते हैं।
यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड से सैकड़ों छात्र-छात्राएं दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, मुलाना, हथिनी कुंड सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने शिक्षण संस्थान में पढ़ने जाते हैं। हजारों विद्यार्थियों के पास रोडवेज के बस पास भी हैं। यमुनानगर बस स्टैंड से दामला जाने वाले विद्यार्थियों में राजेश, सन्नी, निशा, अंकिता ने बताया कि रोज यहां से दामला तक बसों के दरवाजों पर लटक या अंदर खड़े होकर सफर करना पड़ता है और वापसी में कई बार बस मिलती नहीं और ऑटो व अन्य वाहनों में महंगा किराया अदा कर आना पड़ता है।
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डिपो से संचालित सभी रूटों पर मांग मुताबिक बसें व समय रखे गए हैं। इसमें किसी रूट पर बस व समय बढ़ाने या किसी नए रूट को चलाने की मांग है तो उसे पूरा करने का प्रयास होगा। - भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।
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