यमुनानगर। हिमाचल के पावंटा साहिब तक जाने वाली रोडवेज की बस सेवा जुलाई में शुरू हो सकती है। तीन महीने पहले हिमाचल सरकार के पत्र के बाद इस रूट पर सेवा बंद कर दी गई थी। इसके बाद से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस रूट पर पड़ने वाले जिले के छछरौली, प्रतापनगर, कलेसर, हथिनीकुंड समेत दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग प्रभावित हैं।
लॉकडाउन के दौरान बंद हुई रोडवेज बस सेवा धीरे धीरे बहाल हो रही है। अभी दिल्ली, चंडीगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के लिए कोई सेवा नहीं है। पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के लिए भी बस नहीं चल रही है। बस न चलने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बस सेवा न होने के कारण अब लोग निजी साधनों के भरोसे हैं। इन रूट के यात्रियों के लिए यह अच्छी खबर है। रोडवेज इन रूट पर बस सेवा बहाल करने की योजना बना रहा है। जुलाई के पहले सप्ताह से इन राज्यों की बस सेवा बहाल हो सकती है। अभी उत्तरप्रदेश के कलानौर बार्डर तक ही बस चल रही है। बहाली के बाद लोगों को सहारनपुर तक बस मिल सकेगी। वहीं उत्तराखंड में भी इस तरह सेवा बहाली की तैयारियां चल रही है।
पड़ोसी राज्यों में लोगों की रिश्तेदारियां
यमुनानगर तीन राज्यों से घिरा हुआ है। एक तरफ उत्तरप्रदेश राज्य का जिला सहारनपुर लगता है, तो दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर का पांवटा शहर लगता है। इसी के साथ उत्तराखंड का भी कुछ हिस्सा है। इन राज्यों में जिले के लोगों की रिश्तेदारियां है। जिसके चलते लोगों का इधर से उधर आना जाना लगा रहा है। परंतु सेवा न होने के कारण इन लोगों को परेशानी हो रही है। उन्हें निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ तो बढ़ा ही है, वहीं समय भी अधिक लग रहा है।
रोडवेज के डीआई मायाराम ने बताया कि विभाग की ओर से इन रूट पर बस चलाने की तैयारी है। अभी पड़ोसी राज्यों की सरकारों की ओर से इनके आदेश नहीं मिले हैं। उत्तराखंड व हिमाचल में लॉकडाउन के कारण सेवा नहीं है। वहीं यूपी सरकार ने भी प्रतिबंध लगा रखा है। विभाग को पड़ोसी राज्यों के पत्र का इंतजार है। अनुमित मिलते ही नियमानुसार बसें भेजी जाएंगी।
12 महीने चलते हैं सैलानी
जिले से सटे तीनों राज्यों के स्थानों पर ऐतिहासिक मंदिर सहित पर्यटन स्थल हैं। जहां पर जिले से हर महीने सैकडों सैलानियों का जाना होता है। सहारनपुर में मां शाकंभरादेवी, हिमाचल में मां बालासुंदरी शक्ति पीठ व पांवटा साहिब गुरुद्वारा है। जबकि विकास नगर और डाकपत्थर में प्राकृति की मनोहर छटा देखने को लोग जाते हैं। कोरोना के चलते ये सब जगह बंद हैं।
चलती थी आधा दर्जन बसें
लॉकडाउन से पहले इन सभी रूट पर सेवा दी जा रही थी। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के कालाआंब व पांवटा साहिब के लिए छह बसें चलती थी। वहीं देहरादून के तीन से चार टाइमिंग थी। इसके अलावा सहारनपुर के लिए एक दर्जन से अधिक बस चलाई जा रही थी। उत्तरप्रदेश डिपो के साथ हिमाचल व उत्तराखंड रोडवेज की बसें भी मिलती थी।