जगाधरी-बिलासपुर रोड पर जडौदा गांव के नजदीक यमुनानगर डिपो की बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बुआ-भतीजी की मौत हो गई। जबकि उनका चाचा व भाई घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि हादसे बाद रोषायुक्त ग्रामीणों ने रोडवेज के चालक की जमकर धुनाई की तथा मौके पर पहुंची एंबुलेंस के शीशे तोड़ दिए। शहर पुलिस फिलहाल मामले में जांच की बात कह रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांव गाढ़वाली निवासी सुरेश कुमार, अपने भाई की लड़की (भतीजी) 17 वर्षीया बेटी सबनम उर्फ सब्बो, भांजी 12 वर्षीया सिमरन, 4 वर्षीय बेटे वंश के साथ बाइक पर सवार होकर सुघमाजरी में किसी काम से आया था। देर शाम वह बाइक से घर लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि जब उसकी बाइक जगाधरी-बिलासपुर मार्ग पर जडौदा गांव के नजदीक पहुंची, तो पीछे से आ रही यमुनानगर डिपो की बस ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों लड़कियां सड़क पर गिर गए और जबकि सुरेश तथा वंश दूर जा गिरें। हादसे में बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
शहर थाना प्रभारी सुरेश पाल ने बताया कि इस हादसे में बाइक सवार सबनम उर्फ सब्बो तथा सिमरन की मौके पर मौत हो गई। जबकि सुरेश तथा उसका बेटा वंश गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस थाना प्रभारी सुरेश पाल ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उन्हें सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में रखवाया तथा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस फिलहाल जांच की बात कह रही है। समाचार लिखे जाने तक किसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया था।
ग्रामीणों ने की चालक की धुनाई-
जडौदा गांव के पास सड़क हादसे में लड़कियों की मौत के बाद रोषायुक्त ग्रामीणों ने बस चालक की जमकर धुनाई की। बताया जा रहा है कि गंभीर हालत में चालक को शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद जगाधरी-बिलासपुर मार्ग पर करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। गांववालों का कहना है कि गांव के नजदीक सड़क पर तीव्र मोड़ है, जिस पर वाहन चालक अपने वाहन को धीमा करने की बजाए तेज गति से निकालकर ले जाते हैं। यही वजह है कि आए दिन गांव के पास कोई न कोई हादसा होता रहता है। हालांकि कुछ समय पहले गांव के दोनों छोर पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे। लेकिन पिछले दिनों उन्हें हटा दिया गया। यही वजह है कि गांव के पास वाहन अनियंत्रित तरीके से निकलते हैं।
रोषायुक्त ग्रामीणों ने एंबुलेंस के तोड़े शीशे
सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस के ग्रामीणों ने शीशे तोड़ दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि जब समय पर एंबुलेंस को सूचित कर दिया गया,तो इसके बावजूद भी एंबुलेंस समय पर घटना स्थल पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग लोगों को बेहरत सुविधा मुहैया करवाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती, तो शायद लड़कियों को मरने से बचाया जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।