संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंबाला डिपो की इलेक्ट्रानिक सिटी बस के खराब होने पर रविवार सुबह यात्रियों ने जगाधरी में रक्षक विहार नाका पर हंगामा कर दिया। सवारियां परिचालक से टिकट के रुपये वापस मांग रही थी। रुपये वापस नहीं मिलने पर वहां हंगामा हो गया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस ने बस के परिचालक को सुरक्षा देते हुए डायल 112 की गाड़ी में बैठा दिया। महिला यात्री परिचालक को उसमें से नीचे खींचने लगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी यात्रियों की काफी बहस हुई। बाद में रोडवेज की बस से यात्रियों को अंबाला के लिए रवाना किया गया।
अंबाला डिपो की तरफ से यमुनानगर के लिए इलेक्ट्रानिक बस चला रखी है। यह बस सुबह के समय जगाधरी बस स्टैंड होते हुए अंबाला जाती है। रविवार सुबह सिटी बस जगाधरी अड्डे से निकल कर अंबाला मार्ग पर रक्षक विहार नाका पर पहुंची तो अचानक बस खराब हो गई। ड्राइवर ने बस को एक तरफ खड़ी कर दिया।
काफी देर तक जब बस नहीं चली तो उसमें बैठी सभी सवारियों को यह कहते हुए नीचे उतार दिया गया कि अब यह नहीं चलेगी। सवारियां नीचे उतरने पर परिचालक से अपने टिकट के रुपये वापस मांगने लगी। परिचालक ने कहा कि टिकट कटने के बाद रास्ते में बस खराब होने पर रुपये वापस करने का कोई नियम नहीं है। उन्हें दूसरी बस से अंबाला के लिए रवाना किया जाएगा। सवारियां उनकी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी।
इस दौरान रोडवेज की ए-दो बस भी आई, लेकिन जगह नहीं होने पर कोई भी उसमें चढ़ नहीं पाया। करीब एक घंटे तक ऐसा ही रहा तो बस में सवार महिला यात्रियों ने आपा खो दिया और वह सिटी बस के परिचालक से अपने रुपये वापस मांगने लगी। इस पर डायल 112 पुलिस भी वहां पर आ गई। थोड़ी देर में ही थाना शहर जगाधरी प्रभारी जसमेर सिंह भी वहां पर आ गए।
सुरक्षा को देखते हुए गाड़ी नहीं चलाई : चालक
सिटी बस के चालक सर्वजीत सिंह ने बताया कि लाइन आउट होने से बस टेढ़ी चल रही थी। बस टेढ़ी होने से इसे चलाने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बस को साइड में खड़ी कर दिया था।
सिटी बस के अलावा चाहे किसी भी डिपो की बस हो रास्ते में खराब होने पर टिकट की राशि लौटाने का प्रावधान नहीं है। बस खराब होने पर सवारी को दूसरी बस में बैठाकर गंतव्य की और रवाना किया जाता है। - दिवाकर सिन्हा, जीएम, सिटी बस सर्विस यमुनानगर।
हंगामा करतीं महिलाओं को समझाती पुलिस। संवाद
हंगामा करतीं महिलाओं को समझाती पुलिस। संवाद