संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/रादौर। सीआईए टीम पर पथराव के चार दिन बाद शनिवार को रादौर की डेहा बस्ती में प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई की। नगरपालिका की भूमि पर बने 100 से अधिक कच्चे-पक्के घरों को ध्वस्त कर दिया गया। भारी पुलिस बल की सुरक्षा के बीच चार जेसीबी से अवैध कब्जे हटाए गए। जिला प्रशासन की ओर से कृषि विभाग के एसडीओ आशु कांबोज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
थाना प्रभारी राजेश राणा के नेतृत्व में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई और किसी भी बाहरी व्यक्ति को मौके पर नहीं जाने दिया गया। करनाल सीआईए टीम 16 जून को डेहा बस्ती में नशा तस्कर को पकड़ने गई थी।
बस्ती के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर आरोपी को छुड़ा लिया था। घटना के बाद आरोप भाग गए, जिनकी तलाश में पुलिस की तीन टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस पर पथराव करने वाले आरोपियों के घर नगर पालिका की भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
डेहा बस्ती वर्षों से नगर पालिका की भूमि पर बसी थी और समय के साथ यहां बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हो गए।नगर पालिका के पार्षदों ने बस्ती में नशे के कारोबार और अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। ज्ञापन सौंपे जाने के 24 घंटे के भीतर यह कार्रवाई की गई।
डेहा बस्ती में बुलडोजर कार्रवाई से पहले नगरपालिका कर्मचारियों ने मकानों में रखा घरेलू सामान बाहर निकलवाया। फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, चारपाइयां, गैस सिलिंडर और अन्य उपयोगी सामान ट्रॉलियों में भरकर नगर पालिका के गोदाम भेजा गया। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान सामान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जब्त कर कार्यालय में जमा कराया गया, ताकि अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके।
अस्थायी बिजली कनेक्शन काटे
डेहा बस्ती में अवैध कब्जों पर कार्रवाई के दौरान बिजली निगम की टीम ने अस्थायी मकानों की आपूर्ति भी बंद कर दी। बुलडोजर कार्रवाई के साथ ही निगम कर्मचारियों ने र सभी अस्थायी कनेक्शन काट दिए, ताकि दोबारा बिजली का उपयोग न किया जा सके।
हमले में 15 नामजद समेत अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस टीम पर हुए पथराव के मामले में अब तक एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है,। अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
वोटों की राजनीति में बसती गई अवैध बस्ती
डेहा बस्ती का विस्तार पंचायत और बाद में नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों के साथ होता गया। शुरुआत में यहां कुछ ही परिवार रहते थे। समय के साथ वोटों की राजनीति के कारण लोगों ने खाली जमीन पर मकान बना लिए। वर्ष 2016 में रादौर नगर पालिका बनने के बाद छोटा बांस क्षेत्र भी इसमें शामिल हो गया लेकिन अवैध कब्जे लगातार बढ़ते रहे।
बस्ती के लोगों ने शाम घर छोड़ना किया शुरू
डेहा बस्ती ने प्रशासन का बुलडोजर चलने के बाद लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया। ज्यादातर लोगों ने अपना सामान रादौर-कुरुक्षेत्र के डिवाइडर पर या फिर सड़क किनारे रख लिया। शाम होते-हाेते लोगों ने वाहनों को किराये पर बुलाया और उनमें अपना सामान लाद कर लाडवा और यमुनानगर की तरफ निकल पड़े। वहीं नगर पालिका की जगह को खाली करवाने के लिए स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सारी जगह खाली नहीं हो जाती वह चुप नहीं रहेंगे।
नगर पालिका की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे थे पुलिस पर हमले के आरोपी : एसपी
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल का कहना है कि पुलिस टीम पर पथराव और एनडीपीएस के वांछित आरोपी को छुड़ाने की जांच में सामने आया कि कई आरोपी इसी बस्ती में अवैध कब्जा कर रह रहे थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई है। अवैध कब्जा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता कानूनन गंभीर अपराध हैं। ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक होकर नशे और अपराध के खिलाफ अभियान में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद
रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस के जवान। संवाद