संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। हरियाणा-हिमाचल सीमा से सटे यमुनानगर के अंतिम गांव रामपुर गेंदा में ट्यूबवेल, पाइप लाइन से लेकर कनेक्शन सब हैं। फिर भी इस गांव में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। गांव के लोग पानी के लिए नदी पर निर्भर होकर रह गए हैं। महिलाएं दो किलोमीटर दूर जाती हैं और पानी से भरे मटके सिर पर रख कर लाती हैं।
दिन में इसी तरह पता नहीं कितने चक्कर उनके लग रहे हैं। फिर भी अधिकारियों का ध्यान ग्रामीणों की इस समस्या की तरफ बिल्कुल भी नहीं है। गांव के लोग पिछले कई दिनों से पीने के पानी के लिए परेशान हैं और समस्या के समाधान को लेकर विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय व्यासपुर में मांगपत्र सौंपकर गांव में बंद पड़े पेयजल ट्यूबवेल को शीघ्र चालू करवाने और नई पाइपलाइन से कनेक्शन उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। गांव में लंबे समय से स्वच्छ पेयजल की भारी कमी बनी हुई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को पशुओं को पानी पिलाने के लिए करीब दो किलोमीटर दूर नदी तक जाना पड़ रहा है।
वहीं घरों में पीने और कपड़े धोने तक के लिए नदी का पानी इस्तेमाल करना मजबूरी बन गया है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण ऋषिपाल, सुरेंद्र नंबरदार, कर्म सिंह, रतनलाल, धनीराम, चमन लाल, इशम सिंह, सिंग राम, सुखबीर, रणबीर और ब्रह्मपाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव में लगा पेयजल ट्यूबवेल काफी समय से बंद पड़ा हुआ है। यदि इसे जल्द चालू करवा दिया जाए तो गांव की बड़ी आबादी को राहत मिल सकती है।
गांव में नई पानी की पाइपलाइन दबाई जा चुकी है, लेकिन अब तक लोगों को उससे नए कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। कई परिवार आज भी पुरानी और जर्जर पाइपलाइन व्यवस्था पर निर्भर हैं, जिससे पानी की आपूर्ति बाधित रहती है। इसके अलावा पुरानी पाइपलाइन में कई स्थानों पर लीकेज और तकनीकी खामियां बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि पुरानी पाइपलाइन में आवश्यक स्थानों पर गेट वाल्व भी लगाए जाएं ताकि जलापूर्ति को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
मामला संज्ञान में आ चुका है। जल्द ही रामपुर गेंदा गांव के ट्यूबवेल को चालू कर नई पाइपलाइन की व्यवस्था भी सुचारु कर दी जाएगी। - जफर इकबाल, एसडीईओ, जन स्वास्थ्य विभाग साढौरा।