संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रदेश के सबसे बड़े चौधरी देवी लाल हर्बल नेचर पार्क में जल्द ही पर्यटकों की चहलकदमी शुरू होगी। 184 एकड़ में फैले इस पार्क के नवीनीकरण के लिए वन विभाग कार्य कर रहा है। इसका बजट भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में जल्द ही इस पार्क में पर्यटकों को बोटिंग का आनंद लेने की सुविधा मिलेगी।
हर्बल पार्क में पहले बोटिंग होती थी, जो अब बंद है। बोटिंग दोबारा शुरू होगी, इसके अलावा यहां बनी बांस की हट, मीटिंग हॉल हट के अलावा पार्क की साफ सफाई के अलावा यहां बने कर्मचारियों के कमरे इत्यादि भी दुरुस्त होंगे। इस हर्बल नेचर पार्क में जलीय पौधों, फर्न, पर्वतारोहियों, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों और पेड़ों की 300 से अधिक प्रजातियां हैं।
इस पार्क की हल्दी या हल्दी, पामारोसा, जेट्रोफा, लिकोरिस, लेमन ग्रास, पत्थरचूर, कलिहारी, बेल, रुद्राक्ष, आंवला या फाइलेंथस एम्ब्लिका, ब्राह्मी, शतावरी, पिप्पली, हरड़, ग्वारपाठा, बहेरा, भूमि आमलकी , मकोय, तुलसी, इसबगोल, चित्रक, वच, सफेद मुसली, अश्वगंधा और सर्पगंधा के पौधे हैं। इसके अलावा, इस हर्बल नेचर पार्क में सिंबल, शीशम, सागौन और खैर जैसे पेड़ भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने किया था उद्घाटन
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम 19 अप्रैल 2003 को यमुनानगर आए थे। उन्होंने चूहड़पुर हर्बल पार्क का उद्घाटन रुद्राक्ष का पौधा लगाकर किया था। इस कार्यक्रम में वे जिस कुर्सी पर बैठे थे उस कुर्सी को सदा के लिए आरक्षित कर दिया गया था। आज भी वह कुर्सी यहां मौजूद है, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति के नाम की प्लेट भी लगी है।
हर्बल पार्क को दोबारा से विकसित करने की योजना है। यहां जो भी कार्य अधूरे पड़े हैं, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। पर्यटकों के लिए फिर बोटिंग शुरू कराई जाएगी। -संदीप सिंह, डीएफओ, वन विभाग।