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Yamuna Nagar News: प्लेटलेट्स के 11 हजार रुपये से ज्यादा नहीं ले सकेंगे ब्लड बैंक इंचार्ज

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डेंगू बीमारी होने पर लोगों के शरीर में प्लेटलेट्स घट रहे हैं। ऐसे में प्लेटलेट्स की मांग काफी बढ़ जाती है। कई ब्लड बैंक इंचार्ज इसका फायदा उठाते हैं। जिले में ऐसी नौबत न आए इसके लिए मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह व डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने निजी ब्लड बैंक के इंचार्ज के साथ बैठक की। सभी ब्लड बैंक इंचार्ज को बताया गया है वह सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की एक यूनिट के लिए 11 हजार रुपये से अधिक फीस नहीं लेंगे। यदि किसी की ज्यादा रुपये लेने की शिकायत आई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं जो हरियाणा का जो निवासी सिविल अस्पताल में भर्ती है उसे सरकारी ब्लड बैंक से मुफ्त प्लेटलेट्स दिए जाएंगे। यदि सरकारी अस्पताल में भर्ती होकर वह प्राइवेट ब्लड बैंक से एसडीपी चढ़वाता है तो उसका भुगतान भी स्वास्थ्य विभाग करेगा।
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डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि डेंगू होने पर प्लेटलेट्स घटने लगते हैं। अक्सर एक लाख से कम प्लेटलेट्स होने पर लोग घबरा जाते हैं और मरीज को अस्पताल में भर्ती करके प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए डॉक्टर से कहते हैं। परंतु लोगों को घबराना नहीं चाहिए। जब प्लेटलेट्स 20 हजार से कम हो तभी प्लेटलेट्स चढ़वाने चाहिए। डेंगू में मुंह या शरीर के अन्य हिस्सों से खून बहने लगे तो बिना देरी किए मरीज को अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। एसडीपी लगवाने से प्लेटलेट्स में 20 से 25 हजार की बढ़ोतरी हो जाती है। सुशीला सैनी ने बताया कि डेंगू में मरीज को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ देना चाहिए। हर आधे घंटे में पानी का एक गिलास पीना चाहिए। यदि पानी में चीनी, नमक या नींबू मिलाकर पीएं तो बहुत अच्छा है। वहीं नारियल पानी भी लेना चाहिए। जब तक मरीज अपने मुंह से खाना खा रहा आर पानी पी रहा है तब तक वह ठीक है। कुछ खाने-पीना न होने पर ही ग्लूकोज चढ़वाना चाहिए।

सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने चेताते हुए कहा कि यदि किसी ब्लड बैंक इंचार्ज ने एसडीपी के लिए 11 हजार रुपये से ज्यादा लिए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 600 रुपये निर्धारित कर रखी है। इससे ज्यादा रुपये मरीज से नहीं ले सकते।
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