फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: जाम सीवरेज और जलभराव बने चुनावी मुद्दे

Sun, 23 Feb 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड 16 में नाले-नालियों व सीवरेज जाम का बड़ा मुद्दा है। वार्ड के कुछ लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नियमित सफाई न होने से नाले-नालियों व सीवरेज गंदगी से जाम रहते हैं। जलनिकासी ठप रहने से खासकर मानसून में चांदपुर, जोगिंद्रनगर जैसी कई कॉलोनियों में कई फीट तक जलभराव के हालात हो जाते हैं।
इसके अलावा वार्ड में खुले स्थानों व प्लॉटों में बिखरी गंदगी और स्ट्रीट लाइट के बंद या अभाव होने से भी निवासियों को परेशानी हो रही है। साथ ही कई जगह लोग क्षतिग्रस्त गलियों-सड़कों की दिक्कत झेल रहे हैं। यह सभी समस्याएं निगम चुनाव के माहौल में वार्ड के लोगों के जुबान पर है, जिनका वह भावी मेयर व वार्ड पार्षद से समाधान चाह रहे हैं।
विज्ञापन

अक्तूबर-2018 के निगम चुनाव में वार्ड अनारक्षित रहा, जिस पर यहां से रिया पार्षद चुनी गईं। इससे पहले रिया के चाचा इनेलो समर्थित जसबीर सिंह बिट्टू वार्ड पार्षद रहे। इस बार भी वार्ड अनारक्षित है। पहले जसबीर सिंह बिट्टू की चुनाव लड़ने की तैयारी थी, पर उनकी ओर से अपने बजाय साहिल सैनी को चुनाव में आगे किया गया। भाजपा से संदीप धीमान और कांग्रेस से केसर सिंह प्रत्याशी बनाए गए हैं।
रविंद्र सिंह, रविंद्र प्रसाद व स्नेह लता आजाद उम्मीदवार हैं। वार्ड से छह लोगों के पार्षद चुनाव के मैदान में उतरने से मुकाबला कड़ा हो गया है। पिछले चुनाव से वार्ड में 2206 मतदाता ज्यादा हैं। अक्तूबर-2018 के चुनाव में 18 बूथ पर 17765 मतदाता थे, पर इस बार 17 बूथों पर 19971 मतदाता हैं।
गंदगी की समस्या
सन्नी रेखी ने बताया कि वार्ड में खुले स्थानों व प्लॉटों में गंदगी बिखरी पड़ी है। यह हालात तब हैं, जब शहर में सफाई व कचरा उठान पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गंदगी से शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, वहीं इससे स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग भी बिगड़ती है। इसके अलावा गंदगी से कई तरह की बीमारियां भी होती हैं।
नियमित हो सफाई
गरविंद्र सिंह ने कहा कि वार्ड में सबसे बड़ा मुद्दा नाले-नालियों व सीवरेज जाम होने का है। नालियों की सफाई नियमित नहीं होती, वहीं नाले व सीवरेज भी कई माह तक साफ नहीं हाेते। नाले-नालियों में कचरा देखा जा सकता है। जाम नाले-नालियों से दुर्गंध व मक्खी-मच्छरों की परेशानी होती है। इन हालात में बीमारी भी फैलती है। नियमित सफाई होनी चाहिए।
जलभराव का हो समाधान
हैरी ने बताया कि वार्ड में मानसून के दौरान चांदपुर व जोगिंद्र नगर जैसे कई इलाकों में कई फीट तक जलभराव हो जाता है। चांदपुर के समीप रेलवे अंडरपास बनने के बाद से आसपास लगते क्षेत्र में जल निकासी की परेशानी बढ़ी है। बारिश के दिनों में जलभराव होने से घरो में भी पानी आ जाता है। इसका समाधान भावी मेयर व पार्षद को प्राथमिकता कराना होगा।
गलियों-सड़कों में गड्ढे
आशु ने कहा कि वार्ड में कई जगह स्ट्रीट लाइट लगे नहीं या फिर बंद हैं। इससे शाम बाद गलियों-सड़कों पर अंधेरा रहता है। आने-जाने में दुर्घटना या आपराधिक घटना की आशंका रहती है। अंधेरे में बच्चों, महिलाओं व युवतियों का निकलना भी मुश्किल है। कई गलियों-सड़कों में गड्ढे हैं। अंधेरा होते ही वाहन चालकों को हादसे की आशंका रहती है।
विज्ञापन

नई वार्डबंदी के बाद क्षेत्र
जोगिंदर नगर, आबादी गांधीनगर का भट्टा (आंशिक रूप से), गांधीनगर, भीम नगर, कृष्णा नगर, आबादी लेबर कॉलोनी, गीता मंदिर और आबादी लक्ष्मी गार्डन, फ्रेंड्स कॉलोनी, चांदपुर, हरबंसपुरा, इंद्रा गार्डन, बावा कॉलोनी, राजा गार्डन, धर्मपुरा।
वर्ष - बूथ - पुरुष - महिला - कुल
2018- 18 - 7238 - 5825 - 13063
2025- 17 - 10602 - 9368 - 19970
वार्ड-16 के बूथों पर मतदाता
बूथ संख्या - पुरुष - महिला
240 - 620 - 531
241 - 665 - 549
242 - 791 - 655
243 - 826 - 652
244 - 617 - 550
245 - 359 - 324
246 - 649 - 638
247 - 764 - 718
248 - 499 - 431
249 - 483 - 430
250 - 630 - 586
251 - 464 - 350
252. - 476 - 446
253 - 752 - 680
254 - 716 - 600
255 - 658 - 618
256 - 633 - 610
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें