संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड-17 में बड़ी समस्या जाम नाले-नालियां व सीवरेज की है। वार्ड में मानसून में जलभराव का मुद्दा भी अहम है। साथ ही क्षतिग्रस्त गलियां-सड़कों तो कहीं गंदगी की दिक्कतों से लोग दो-चार हो रहे हैं। यही मुद्दे नगर निगम के चुनावी माहौल में लोगों की जुबान पर है। इसके समाधान के लिए भावी मेयर व वार्ड पार्षद से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इस बार वार्ड से पार्षद बनने के लिए भाजपा से दीक्षित धीमान और कांग्रेस से अमित कुमार चुनावी मैदान में हैं। वहीं आजाद उम्मीदवार के तौर पर चरणजीत कुमार व पूर्व पार्षद प्रतिनिधि अमन जावला भी अपनी-अपनी जीत के लिए जोर लगा रहे हैं। अक्तूबर-2018 के निगम चुनाव में वार्ड अनारक्षित रहा, पर इस बार वार्ड बीसीए वर्ग के लिए आरक्षित है।
पिछले चुनाव में वार्ड से इनेलो के समर्थन से वीना शर्मा वार्ड पार्षद बनी थी, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गई थीं। इस बार वार्ड में गत चुनाव से 464 मतदाता ज्यादा हैं। अक्तूबर-2018 के चुनाव में जहां 13 बूथ पर 14461 मतदाता थे, वहीं इस बार 15 बूथों पर 14925 मतदाता हैं।
नई वार्डबंदी के बाद क्षेत्र
लक्ष्मी नगर, मदहद कॉलोनी, वीना नगर, आदर्श नगर, शर्मा कॉलोनी, जैन कॉलोनी, नवाब कॉलोनी, कैंप, रणजीत कॉलोनी, शिव नगर, विष्णु नगर, गुलाब नगर, पटेल नगर, बिशनदास कॉलोनी, जम्मू कॉलोनी, न्यू गुलाब नगर, नई आबादी कैंप, पटेल नगर, माजरी।
राजकुमार ने बताया कि स्ट्रीट लाइट कई जगह है नहीं और जहां लगे है वहां भी कई बंद या खराब हैं। ऐसे में शाम बाद गलियों-सड़कों पर अंधेरा हो जाता है। इस बीच निकलने में सड़क दुर्घटना व आपराधिक घटना का भय रहता है। स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान होना जरूरी है, यही मांग वोट मांगने के लिए आने वाले मेयर व वार्ड पार्षद प्रत्याशी से हो रही है। उम्मीद है चुनाव बाद स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार होगा।
कालिदास ने कहा कि वार्ड में कई गलियां-सड़कें क्षतिग्रस्त हाल में हैं, जो कहीं उखड़ी व धंसी हुई हैं। कई जगह गलियों-सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। इससे पैदल राहगीरों व वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई बार लोग टूटी गलियों-सड़कों पर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, इसलिए जो भी प्रत्याशी मेयर व वार्ड का पार्षद बनेगा, उसे गलियों-सड़कों के निर्माण व मरम्मत का काम प्राथमिकता पर कराना होगा।
ज्ञानचंद ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। सीवरेज व नाले भी कई माह तक साफ नहीं किए जाते। इससे नाले-नालियां व सीवरेज जाम हैं। इससे बरसाती व गंदे पानी की निकासी बार-बार ठप होती है। इसी वजह से मानसून की बारिश में कॉलोनियों, मोहल्लों की गलियों-सड़कों में जलभराव के हालात हो जाते हैं। भावी मेयर व पार्षद से उम्मीद है कि समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान कराएंगे।
रुपेश कुमार ने कहा कि न तो गलियों सड़कों पर नियमित झाड़ू लग रहा है और न ही डोर टू डोर कचरा उठान के वाहन ही रोज आते हैं। इस कारण गलियों-सड़कों पर कचरा नजर आता है। खासकर खुले स्थानों व प्लॉटों में गंदगी फैली हैं। यही कचरा बारिश के पानी से नाले-नालियों में जाकर निकासी ठप करता है। साथ ही कचरे से कई तरह की बीमारियां भी होती है। इससे लोगों की सेहत पर भी नुकसान हो रहा है।
वर्ष - बूथ - पुरुष - महिला
2018- 13 - 7882 - 6579
2025- 15 - 8095 - 6830
वार्ड 17 के बूथों पर मतदाता
बूथ संख्या - पुरुष - महिला
257 - 638 - 516
258 - 688 - 610
259 - 664 - 525
260 - 584 - 501
261 - 367 - 284
262 - 497 - 412
263 - 683 - 586
264 - 521 - 394
265 - 662 - 563
266 - 722 - 645
267 - 505 - 445
268 - 437 - 363
269 - 353 - 320
270 - 387 - 339
271 - 387 - 327