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हरियाणा : यमुनानगर से जुड़े रेमडेसिविर की कालाबाजारी के तार, गुरुग्राम व चंडीगढ़ के दवा कारोबारी एसटीएफ के रडार पर

Sun, 18 Apr 2021 08:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमित गुप्ता, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

सूत्रों के अनुसार बरामद रेमडेसिविर इंजेक्शन पश्चिमी बंगाल से कानपुर भेजा गया था, जहां से इसे यमुनानगर और हरियाणा के अन्य जिलों में सप्लाई की जानी थी। इसी बीच इसकी भनक मिलिट्री इंटेलीजेंस को लगी और फिर कानपुर में एसटीएफ को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद एसटीएफ ने पहले प्रशांत शुक्ला और मोहन सोनी को गिरफ्तार किया। 
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पकड़े गए आरोपी।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजरी का भंडाफोड़ हुआ है। इसके तार यमुनानगर से भी जुड़े होने का खुलासा हुआ है। कानपुर में पकड़ा गया एक आरोपी सचिन छछरौली ब्लॉक के गांव ताहरपुर का रहने वाला है। पकड़े गए आरोपियों की कॉल डिटेल में यमुनानगर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ के ड्रग कारोबारियों के नंबर मिले हैं। यूपी एसटीएफ कारोबारियों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर सकती है। विदित हो कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 265 इंजेक्शन बरामद हुए हैं जो यमुनानगर आने थे, जिन्हें लेने के लिए सचिन कानपुर गया था। 

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सूत्रों के अनुसार बरामद रेमडेसिविर इंजेक्शन पश्चिमी बंगाल से कानपुर भेजा गया था, जहां से इसे यमुनानगर और हरियाणा के अन्य जिलों में सप्लाई की जानी थी। इसी बीच इसकी भनक मिलिट्री इंटेलीजेंस को लगी और फिर कानपुर में एसटीएफ को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद एसटीएफ ने पहले प्रशांत शुक्ला और मोहन सोनी को गिरफ्तार किया। 

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पूछताछ के आधार पर यमुनानगर के सचिन को दबोचा गया। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के लिए यूपी एसटीएफ की टीम यमुनानगर भी पहुंच सकती है। इंजेक्शन की कालाबाजारी करने में पकड़ा गया एक अन्य युवक मोहन लॉकडाउन से पूर्व गुरुग्राम की एक फार्मा कंपनी में सेल्स का कार्य करता था और थोक बाजारों से दवाइयां लेकर दुकानों पर सप्लाई करता था। इस कारण उसका संपर्क हरियाणा के प्रत्येक जिले में है। 

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दवाइयों का काम करता है सचिन

कानपुर के थाना बाबूपुरवा के एसओ देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि यमुनानगर के छछरौली के ताहरपुर कलां निवासी सचिन दवाइयों का कार्य करता है। वह पकड़े गए दूसरे आरोपी मोहन सोनी से दवाएं खरीदकर पूर्व में सप्लाई करता था। यमुनानगर में भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी थी। इसे देखकर सचिन ने भी पैसा कमाने की सोची। जांच के बाद कई ड्रग्स कारोबारियों की पोल भी खुल सकती है। 

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सचिन के पकड़े जाने की जानकारी कानपुर पुलिस से मिल चुकी है। ताहरपुर कलां में पता किया है, वह राजमिस्त्री का काम करता था। बाकी जांच का विषय है, लोकल कनेक्शन अभी तलाशे जा रहे हैं। - लज्जाराम, छछरौली थाना प्रभारी।
 
सचिन दवाई सप्लाई का कार्य करता है। वह रेमडेसिविर के इंजेक्शन लेने के लिए कानपुर पहुंचा था। पहले दो लोग पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ के बाद एक होटल से आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया गया है। -देवेंद्र विक्रम सिंह, एसओ बाबूपुरा कानपुर।
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