यमुनानगर। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की शिकायत पर दो अलग- अलग केस दर्ज करवाए गए हैं।
पहला मामला खजूरी रोड पर पकड़ में आया। जिस गाड़ी को पकड़ा गया है, उसकी नंबर प्लेट को भी बदला हुआ था, ताकि खाद मालिक और गाड़ी मालिक की जल्दी से पहचान न हो सके। सीएम उड़नदस्ते ने गाड़ी को कब्जे में लेकर इसकी शिकायत सदर यमुनानगर पुलिस को दी। वहीं कृषि विभाग के एसडीओ ने दोनों मामलों में खाद के सैंपल भी लिए।
केस एक-
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि शादीपुर निवासी दाऊद अपनी पिकअप गाड़ी में शादीपुर एरिया में प्लाईवुड फैक्टरी में ग्लू बनाने के लिए यूरिया खाद कृषि ग्रेड जो किसान के लिए सरकार द्वारा दिया गया है सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर उन्होंने बोलेरो पिकअप नंबर एचआर 45 सी-8793 का पीछा किया और गांव पान्सरा के पास गाड़ी को रुकवा कर चालक को पकड़ लिया। चालक ने अपना नाम रिजवान निवासी टोडरपुर बताया। इस गाड़ी की पिछली नंबर प्लेट नहीं थी और इसमें 22 कट्टे यूरिया खाद नान टेक्निकल कृषि ग्रेड पाए गए। उन्होंने कृषि विभाग के एसडीओ सतबीर सिंह को बुलाया और सैंपल भरवाए। जांच करने पर पता चला कि इस गाड़ी का नंबर एचआर 45 सी 3793 था। एसडीओ सतबीर सिंह ने सैंपल लिए और अपनी लिखित रिपोर्ट, फार्म जे सीरीज नंबर 364 बुक नंबर 4 तथा एक सैंपल को पेश किया।
पूछताछ में पिकअप चालक रिजवान ने टीम को बताया कि इसमें दाउद निवासी शादीपुर व बिलाल निवासी टोडरपुर का खाद लोड है। उन दोनों ने यह गाड़ी फैक्टरी में पहुंचाने के लिए भेजी थी और मुझे हिदायत की थी कि पान्सरा पहुंचने पर बिलाल को फोन कर लेना, जो हम तुझे बताएंगे कि यह खाद कौन सी फैक्टरी में आगे लेकर जाना है।
केेेस दो-वहीं शाम के समय मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने एक सूचना पर थर्मल पावर प्लांट से सटे बहराम चौक के पास एक अन्य गाड़ी को पकड़ा। इसमें 18 बैग खाद मिला है। इसे जनता प्लाईवुड में पहुंचाया जा रहा था। सीएम दस्ते के मुताबिक पकड़ी गई गाड़ी को ड्राइवर राजबीर चला रहा था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह प्रवीण के कहने पर खाद को प्लाईवुड फैक्टरी में लेकर जा रहा था। छापामार टीम ने कृषि विभाग के एसडीओ को बुलाया और खाद के सैंपल भरवा कर जांच के लिए भिजवा दिए हैं।
सब्सिडी युक्त खाद फैक्टरियों में दोगुना रेट पर बेचते हैं
सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी पर नीम कोटेड खाद उपलब्ध करवाया जाता है। वर्तमान में इसका रेट 266 रुपये प्रति कट्टा है। जबकि नान टेक्निकल खाद की कीमत एक हजार रुपये से ज्यादा है। ऐसे में जिले में खाद विक्रेता प्लाईवुड फैक्टरी में दोगुना रेट लेकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। दरअसल प्लाईवुड फैक्टरी में बड़े पैमाने पर बोर्ड चिपकाने के लिए ग्लू का प्रयोग होता है। इसे खाद से बनाया जाता है। नान टेक्निकल खाद की कीमत ज्यादा होने के चलते खेतों में प्रयोग किए जाने वाले खाद से ग्लू बनाने का गोरखधंधा चल रहा है।
-सदर थाना यमुनानगर प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जो गाड़ियां पकड़ी हैं। उसमें से एक गाड़ी में 22 बैग और दूसरी में 18 बैग नीम कोटेड यूरिया मिला है। साथ ही रिजवान व राजबीर नाम के व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने 420 सहित विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
मुख्यमंत्री उड़न दस्ता प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि दाउद व बिलाल ने अपने चालक रिजवान के साथ मिलकर सरकार को अनुचित हानि पहुंचाकर व स्वयं का अनुचित लाभ लेकर अपराध किया है। संबंधित थानों में केस दर्ज करवा दिए गए हैं। यमुनानगर में खाद की कालाबाजारी का एक बड़ा नेटवर्क है, जिस पर लगाम लगाना जरूरी है।