यमुनानगर। शहर की सबसे बड़ी पानी निकासी की परियोजना (भाई कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन) तीन साल बाद भी अधर में है। अमरुत योजना के तहत फरवरी-2019 में शुरू किया गया काम अगस्त-2019 तक पूरा होना था लेकिन कई बार समय अवधि बढ़ाने पर भी काम पूरा नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ। ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में पुराने एनएच-73 पर डायवर्ट कर एसटीपी तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब तक पूरा नहीं हुआ। ड्रेन के काम में देरी की वजह काम लगने के बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी रही, ऐसा टेंडर व वर्क अलॉट बाद होने पर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। इसके बाद बारिश के खलल में भी कई माह लटका। अब भी चांदपुर आरओबी समीप रेलवे ट्रैक व बीच आ रही जमीन पर ड्रेन डालने तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इससे बारिश होने पर पहले जैसे शहर के बड़े नाले से कॉलोनियों में जलभराव के हालात बन रहे हैं।
ड्रेन से यह फायदा-
ड्रेन का निर्माण पूरा होने पर जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का गंदा पानी कन्हैया साहिब चौक से डायवर्ट कर जम्मू कॉलोनी ले जाया जा सकेगा। इससे कन्हैया साहिब चौक से शक्तिनगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी में बड़े नाले के ओवरफ्लो होकर जलभराव करने की दिक्कत खत्म होगी।
अधूरी ड्रेन के लिए निगम अफसर जिम्मेदार
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि करीब 15 करोड़ खर्च के बाद भी चार मानसून सीजन में ड्रेन पानी निकासी में काम नहीं आई, वहीं आगामी मानसून में भी ऐसा होने की आशंका है। आरोप है कि चार साल में भी ड्रेन का काम न होने पाने में नगर निगम अफसर जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ड्रेन के टेंडर, वर्क अलॉट से पहले काम के बीच की अड़चन दूर नहीं की। अब भी ड्रेन का काम अधूरा होने से मानसून तक ड्रेन का काम नहीं हो पाएगा और शहर को गत वर्षों जैसे जलभराव के हालात झेलने पड़ेंगे।
वर्जन- इस बारे में अफसरों से बातचीत करेंगे। जहां काम बाकी है, उसे पूरा करने के निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।