यमुनानगर। जिले की चारों विधानसभा में एक से बढ़कर एक राजनीतिक धुरंधर चुनाव जीतते आए हैं, लेकिन आज तक कोई भी चौधरी भागमल का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है। भागमल साढौरा आरक्षित विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे। वर्ष 1977 से लेकर 1987 तक बनाया गया उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है।
हालांकि छह विधायक ऐसे रहे हैं जो लगातार दो बार विधायक चुने गए, लेकिन तीसरा चुनाव उन्होंने लड़ा नहीं या फिर हार का सामना करना पड़ा। अब जिले में जगाधरी विधानसभा से कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर और यमुनानगर विधानसभा सीट से घनश्याम दास अरोड़ा लगातार दो चुनाव से विधायक हैं। अब दोनों तीसरी बार अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतरने को तैयार हैं। यदि दोनों जीत जाते हैं तो वह भागमल के रिकॉर्ड की बराबरी कर जाएंगे। हालांकि उन्हें पार्टी से टिकट हासिल करना होगा।
भागमल ने अपना पहला चुनाव वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर लड़ा था। तब उनके सामने छछरौली सीट से दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस प्रत्याशी प्रभु राम थे। भागमल को 23989 और प्रभु राम को 16352 वोट मिले थे। साल 1982 में हुए चुनाव में भागमल ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। एक बार फिर उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी प्रभु राम थे। तब भागमल ने 2081 वोट लेकर प्रभु राम को मात्र 10 वोट से हराया था।
तीसरे चुनाव में भागमल के सामने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजन लाल के करीबी शेर सिंह थे। यमुनानगर की सरोजिनी कॉलोनी में रहने वाले शेर सिंह की ससुराल बिलासपुर में है। इसलिए शेर सिंह ने साढौरा विधानसभा से चुनाव लड़ा था। तब भागमल ने 20159 वोट लेकर शेर सिंह को 16008 वोट से हराया था।
1991 में हुए चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए शेर सिंह ने जनता पार्ट के प्रत्याशी रामजी लाल को 3373 वोट से हराकर जीत हासिल की थी। विधायक रहते हुए भागमल ने लोगों में अपनी विशेष पैठ बना ली थी। बिलासपुर में शिव चौक के पास जिस गली में स्व. भागमल का घर है वह आज भी भागमल वाली गली के नाम से मशहूर है। संवाद
जिले में लगातार दो बार बने विधायक
नाम विधानसभा वर्ष
प्रभु राम छछरौली 1968, 1972
मोहम्मद असलम खान छछरौली 1987, 1991
बंता राम रादौर 1996, 2000
बलवंत सिंह साढौरा 2000, 2005
कंवरपाल जगाधरी 2014, 2019
घनश्याम दास अरोड़ा यमुनानगर 2014, 2019