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Yamuna Nagar News: चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले लगेगा सूतक

Sun, 01 Mar 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानी तीन मार्च को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और भारत में दिखाई देगा। इस कारण इसका प्रभाव भी रहेगा ग्रहण लगने से नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे और इस अवधि में पूजन इत्यादि कार्य निषेध रहेंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर के द्वार पुन: खोले जाएंगे।
आचार्य त्रिलोक महाराज ने बताया कि चंद्रग्रहण दोपहर तीन बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। भारत में यह चंद्रोदय के साथ शाम छह बजकर 14 मिनट से छह बजकर 46 मिनट तक देखा जा सकेगा।
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यह वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण है और भारत में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में यह अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जबकि दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ, चेन्नई और बेंगलुरु सहित अन्य हिस्सों में यह आंशिक रूप में नजर आएगा। चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल भी मान्य रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाएं इस काल का विशेष ध्यान रखें।
मान्यता है कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को नुकीली या धारदार वस्तुएं जैसे सुई, चाकू, कैंची, हथौड़ी, छेनी इत्यादि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इनका उपयोग गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा सिलाई, कढ़ाई या बुनाई जैसे कार्यों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। इस काल में किसी प्रकार का भोजन भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि सूतक काल में पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस कारण मंदिरों के सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। ग्रहण में दान का विशेष महत्व होता है। इस दौरान अन्न, धन, भोजन, वस्त इत्यादि का दान करना अत्यंत शुभ होता है। चंद्रग्रहण धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। दान, जप का विशेष फल प्राप्त होता है।
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