जगाधरी। प्रदेश में टीबी की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके तहत टीबी रोगियों को गोद लेकर उसकी सहायता करना और पोषण किट उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से निक्षय मित्र बनाकर टीबी मरीजों की सहायता की जा रही है। बुधवार को निक्षय योजना के संबंध में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने उपायुक्तों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी प्रीति, सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. चारू कालड़ा ने भाग लिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने निक्षय मित्र बनाकर टीबी मरीजों को सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। अधिक से अधिक लोगों एवं संस्थाओं को निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग प्रदान करना चाहिए, ताकि मरीज अपना उपचार पूरा कर स्वस्थ जीवन जी सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, एनजीओ, शिक्षण संस्थान, सीएसआर इकाई, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अथवा अन्य विभागों के कर्मचारी एवं ग्राम सरपंच आगे आकर टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं और उन्हें पोषण किट उपलब्ध करवाकर उनके उपचार में सहयोग कर सकते हैं।
सामूहिक प्रयासों से ही टीबी मुक्त भारत एवं टीबी मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। संवाद